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सर्वहितकारी जैविक खेती- विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने दिव्य धाम आश्रम, दिल्ली में मनाया किसान दिवस 2017

January 4, 2018

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के पर्यावरण संरक्षण प्रकल्प- संरक्षण के द्वारा कृषि परितंत्र (agro- ecosystems) के संरक्षण हेतु श्री आशुतोष महाराज जी की प्रेरणा से हितकारी खेती नामक एक विशेष प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है| इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत किसान दिवस 2017 के उपलक्ष में 24 दिसम्बर 2017 को संस्थान के दिव्य धाम आश्रम, कुतुबगढ़ रोड, जत्खोड़ मोड़, दिल्ली में “सर्वहितकारी जैविक खेती”  नामक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया| कृषि तंत्र में बढती समस्याओं के निदान व् जैविक खेती के महत्त्व को साँझा करने हेतु आयोजित इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम में दिव्य धाम आश्रम के आस पास स्थित लगभग 60 गांवों से किसान, ज़मिन्दार व् 10 गावों के सरपंच सम्मिलित हुए|  

किसानों को जैविक खेती के मार्ग पर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु श्री वीरेश्वर सिंह मलिक, .सी.पी दिल्ली पुलिस, मुंडका दिल्ली; श्री नगीन कौशिक, एस.एच., कंझावला; श्री रोहताश सिंह दबास, पूर्व सांसद; श्री एच.के.चिल्लर, सेवानिवृत्त उप प्रधानाचार्य व अध्यक्ष, संत कबीर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, गाँव लड़रावन, झज्जर, हरियाणा आदि विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में समिल्लित हुए|                  

कार्यक्रम का प्रारंभ सरस हरयाणवी भजनों से हुआ जिसके उपरान्त श्री आशुतोष महाराज जी के अनुयायी व कृषि वैज्ञानिक डा. सतबीर ने पैनल पर विशिष्ठ अतिथियों का व आये हुए किसानों का संस्थान की ओर से स्वागत किया|

संस्थान के जैविक खेती विशेषज्ञ व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य श्री लखविंदर सिंह जी ने किसानों को ‘सर्वहितकारी जैविक खेती- आज की मांग, किसान के लिए वरदान’ पर संबोधित करते हुए संस्थान के 200 एकड़ में विस्तृत हितकारी खेती मॉडल का उदारहण देते हुए स्पष्ट बताया कि जैविक खेती कोई किताबी कॉन्सेप्ट नहीं अपितु सौ प्रतिशत आर्थिक रूप से फायदेमंद व कारगार खेती है| उन्होंने समझाया की आज कृषि तंत्र में पनपती समस्याओं का मूल कारण रासायनिक खेती है, रसायन मुक्त जैविक खेती धरती, पशु पक्षी व् सूक्ष्म जीवाणु, पर्यावरण, उपभोगता व् किसान सभी के लिए हितकारी है|

सतगुरु श्री आशुतोष महाराज के मार्गदर्शन में विकसित संस्थान का हितकारी खेती माडल देसी गौ संरक्षण व संवर्धन पर आधारित है| इस सन्दर्भ में किसान भाइयों को जानकारी देते हुए, संस्थान के देसी गौ संरक्षण व संवर्धन प्रकल्प कामधेनु के विशेषज्ञ व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी इन्द्रेशानंद जी ने बताया कि – “भारत वर्ष में पर्यावरण के लिए लाभदायक व सफल वैदिक कृषि का आधार सदा से देसी गौ व उससे मिलने वाला गोबर ही रहा है| भारत की देसी गौ के गोबर में असंख्य सूक्ष्म जीवाणु होते हैं जो धरती को उर्वर बनाते हैं और प्राकृतिक रूप से मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखते हैं|”

आये हुए किसान भाईयों को संबोधित करते हुए, विशिष्ट अतिथि, श्री वीरेश्वर सिंह मालिक, ए.सी.पी दिल्ली पुलिस,मुंडका दिल्ली ने भी बढ़ते शेहरीकरण के परिवेश में जैविक खेती के महत्व को समझया| संस्थान के हितकारी खेती माडल की सराहना करते हुए उन्होंने किसानों को इस माडल से सीखने के लिए प्रोत्साहित किया|

कार्यक्रम को अंत की ओर लेजाते हुए संस्थान के सचिव, स्वामी नरेन्द्रानंद जी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए, आये हुए किसानों का व विशिष्ट अतिथियों का धन्यवाद किया और साथ ही किसान भाइयों का आवाहन किया कि वह भी संस्थान के हितकारी खेती प्रोजेक्ट के साथ जुड़कर कृषि परितंत्र के संरक्षण में संस्थान का सहयोग दे|

इस जागरूकता कार्यशाला के उपरांत किसानों के लिए संस्थान के विशेषज्ञों के साथ विशेष चर्चा सत्र भी आयोजित किया गया व संस्थान के जैविक उत्पाद की एक विशेष प्रदर्शनी भी लगायी गयी|

कार्यक्रम में सम्मिलित किसान भाइयों, ज़मींदारों व् सरपंचों ने संस्थान के प्रयासों की भूरी- भूरी प्रशंसा की व संस्थान के सहयोग से जैविक खेती की और बढ़ने का संकल्प भी लिया|