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'Women Empowerment: Challenges & Success Mantras' demystified by Santulan at KMC of Delhi University

February 14, 2018

नई दिल्ली: किरोड़ी मल कॉलेज (दिल्ली विश्वविध्यालय)  में आयोजित “Women Empowerment: Challenges & Success Mantras” Workshop में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान को, किरोड़ी मल कॉलेज के संस्कृत विभाग द्वारा आमंत्रित किया गया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या और संतुलन (लिंग समानता) कार्यक्रम, DJJS की वैश्विक समन्वयक साध्वी दीपिका भारती जी ने उपर्लिखित कार्यशाला का प्रतिनिधित्व किया । सुश्री आनंद हिमानी जी (संस्कृत भाषा Enthusiast) इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित रहीं । कॉलेज के संस्कृत विभाग के  लगभग 200 से भी अधिक छात्र व छात्राओं ने इस कार्यशाला में भाग लिया। सभागार में देश-विदेश से उपस्थित गणमान्य अतिथियो का पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया गया। कॉलेज के संस्कृत विभाग के कुछ छात्रों ने कार्यशाला के आरंभ में स्वस्तिवाचन मंत्र तथा कुछ छात्राओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया।

साध्वी दीपिका भारती जी ने शैक्षिक और आर्थिक रूप से सशक्त महिलाओं को समग्र रूप से सशक्त बनने के लिए आध्यात्मिक जाग्रति की आवश्यकता पर जोर देते हुए महिला सशक्तिकरण का सही अर्थ स्पष्ट किया। उन्होंने 'महिषासुर मर्दिनी'  का दृष्टांत दोहराते हुए देवी दुर्गा की दिव्यता और सहज शक्ति का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि भीतर की दिव्य आध्यात्मिक शक्ति के  साथ जुड़ना ही सम्पूर्ण  सशक्तिकरण का एकमात्र आधार है। इसी के सन्दर्भ में, उन्होंने संस्थान के सामाजिक-आध्यात्मिक कार्यक्रमों की मुख्य गतिविधियों को संभालने वाली श्री आशुतोष महाराज की कई साध्वी शिष्याओं का भी उल्लेख किया। साध्वी जी ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से ‘लिंग निरपेक्ष नेतृत्व’ (Gender Neutral Leadership) के विषय पर प्रकाश डाला। SBI अध्यक्ष-श्रीमती अरुंधति भट्टाचार्य, ICSI-प्रमुख-श्रीमती चंदा कोचर, Axis Bank की CEO - श्रीमती शिखा शर्मा का उदाहरण देते हुए महिलाओं द्वारा अनुकरणीय उपलब्धियों व समाज में उल्लेखनीय सफलता का वर्णन किया. साथ ही कहा- फोर्चून 500 के C-Suite में महिलाओं की संख्या मात्र 6% होना इस बात को दर्शाता है कि लिंग आधारित भेदभाव नारी के जीवन का अपरिहार्य अंग है। अवसरों के अभाव व महिलाओं के अपनी क्षमता से अनभिज्ञ होने के कारण समाज में बढते विरोधाभास का भी उल्लेख किया। साध्वी जी ने लेक्चर व विडियो के माध्यम से ये भी बताया कि श्री आशुतोष महाराज जी के दिशा निर्देश में विश्व शान्ति की स्थापना के लिए संस्थान के अधिकतर आध्यात्मिक व सामाजिक महत्वपूर्ण कार्य उनकी साध्वी शिष्याओं द्वारा संचालित हैं।

अंत में किरोड़ी मल कॉलेज के संस्कृत विभाग की H.O.D, डॉ मायावती जी ने साध्वी जी को स्मृति चिन्ह देकर आभार प्रकट किया। साथ ही, उन्होने प्रतिभागियों को भी प्रशंसा पत्र प्रदान किये। उत्सुक प्रतिभागियों ने साध्वी जी से चरित्र निर्माण के संदर्भ में भी परामर्श लिया। साथ ही, उपस्थित सभासदों व पैनल के सदस्यों ने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक गतिविधियों में सहयोग देने की इच्छा भी प्रकट की।

संस्थान का संतुलन कार्यक्रम, नारी को आध्यात्मिक उत्थान के माध्यम से समग्र रूप से मुक्त और सशक्त करने में कार्यरत है। इसी लक्ष्य की प्राप्ति करने व महिलाओं के भीतर नारी होने का गौरव जागृत करने हेतु, विश्व भर में, स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, इत्यादी  में नुक्कड़ नाटक, नृत्य, विषय सम्बंधित व्याख्यान, सामूहिक चर्चा से सुसज्जित जागरूकता कार्यशालाएँ व अभियानों का आयोजन किया जा जाता है। लिंग-आधारित पूर्वधारणा व मिथकों का स्पष्टीकरण, नारी की सिद्धि गाथा का वर्णन व नारी महत्वता के विषय में जागरूकता उपबोधन कर, महिलाओं को एकजुट हो कर सामाजिक समस्याओं के विरुद्ध आवाज़ उठाने को प्रेरित करने का हर प्रयास किया जा रहा है। बहुसंख्यक प्रचारकों व कार्यकर्ताओं के माध्यम से संस्थान जन जन तक आध्यात्मिक स्तर पर आवश्यक जागरूकता का महत्व पहुँचाने का संकल्प रखता है जिससे केवल कन्या भ्रूण हत्या ही नही, बल्कि महिलाओं के खिलाफ अन्य अपराधों का भी पूर्ण रूप से अंत हो।

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एक सामाजिक आध्यात्मिक संस्था है जिसका ध्येय - आध्यात्मिक जागृति द्वारा विश्व में शान्ति है। संस्थान द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ साथ नशा मुक्ति, अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षार्थ, पर्यावरण संरक्षण हेतु, गो संरक्षण, संवर्धन एवं नस्ल सुधार, समाज के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन तथा नेत्रहीनों, अपाहिजों के सशक्तिकरण के साथ साथ जेल के कैदी बंधुओं के लिए भी समाज कल्याण के प्रकल्प चलाये जा रहे हैं।