Akhand Gyan

मन इतना चंचल क्यों है?

तिरुवन्नामलाई (अरुणाचल) की घाटी में श्री रमण महर्षि का आश्रम था। वहाँ बहुत से शिष्य अपने आत्म-विकास में रत थे। प्...

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कैसा संगीत हमारी प्ले-लिस्ट में हो?

क्या संगीत भी अच्छा-बुरा हो सकता है? सं…

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भ्रष्टाचार का मंथन

कहीं हड़ताल का शोर! कहीं जुलूस का शोर! क…

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ताकि हम आजाद भारत में साँस ले सकें!

प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त को हम भारतीय पूर…

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श्री कृष्ण ने चमत्कार नहीं, दिव्य लीलाएँ कीं!

'तुम्हें स्मरण होगा कृष्णे कि विहार …

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गुस्सा नहीं है अच्छा!

इटली के एक विख्यात कवि तैसो को किसी ने …

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हे अंतर्यामी आशुतोष! आपको शत-शत नमन!

तुझसे भला क्या छिप पाएगा, तुम तो अंतर्…

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परदेसी हृदयों में गुरु भक्ति की गूंँज!

तुम्हारे गुरु का ओहदा क्या है? कहा जात…

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ईश्वर अपने साथ है तो डरने की क्या बात है?

‘वीर एक बार मरता है, परन्तु डरपोक बार-…

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तनाव युक्त से मुक्त जीवन की ओर...

अभी पिछले कुछ महीनों से कोरोना वायरस स…