दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के पंजाब, जालंधर स्थित नूरमहल आश्रम में 12 दिसंबर 2021 को एक विशाल मासिक आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हर उम्र के लोगों ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत वेद मंत्रोच्चारण से हुई। सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्यों द्वारा भक्ति संगीत के गायन के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। साध्वी कालिंदी भारती जी और स्वामी विष्णुदेवानंद जी ने कार्यक्रम में प्रेरणादायक प्रवचनों की सुंदर प्रस्तुति की।

साध्वी जी ने प्रेरक आध्यात्मिक प्रवचन के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को दिव्य व सच्चे गुरु की दूरदर्शिता और उनके लक्ष्य पर कभी भी संदेह न करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आंतरिक परिवर्तन के माध्यम से विश्व शांति का ध्येय निश्चित रूप से समय आने पर पूरा होगा। गुरु द्वारा दिखाए गए भक्ति पथ पर ईमानदारी से चलना ही हमारा उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि हालांकि, कभी-कभी सत्य मार्ग पर चलना कठिन हो सकता है। नकारात्मक विचार मन को विचलित करते हैं। हमारा विश्वास भी कभी-कभी डगमगा जाता है।
ऐसे में, संशय जाल में न फँसने के लिए हम क्या कर सकते हैं? साध्वी जी ने कहा कि हमें अपने विश्वास को मज़बूत बनाने के लिए उत्साहपूर्वक निरंतर प्रार्थना करनी चाहिए। ऐसे समय में हमें अपने ब्रह्मज्ञान के ध्यान अभ्यास (साधना) को दृढ़ करना चाहिए। अन्य लोगों या स्थिति में दोष खोजने की बजाए हमें अपने पूर्ण सतगुरु से प्राप्त ब्रह्मज्ञान की ध्यान साधना के अभ्यास द्वारा ईश्वर से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए।

स्वामी जी ने आगे इस विषय पर और विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि जब हम स्वयं को परमात्मा के साथ जोड़ते हैं, तो हम बाहरी परिस्थितियों से निपटने के लिए सामर्थ्य प्राप्त करते हैं। तब विपरीत परिस्थितियों में भी आध्यात्मिक प्रगति के साथ आगे बढ़ना हमारे लिए आसान हो जाता है। यही कारण है कि हम सभी को गुरु द्वारा प्रदान की गई आध्यात्मिक आज्ञाओं का कटिबद्धता से पालन की जरूरत है। ये आज्ञाएँ किसी भी बाधा में, हमारे लिए एक सुरक्षा कवच बनती हैं। इनका पालन करके हम आध्यात्मिक शांति प्राप्त करते हैं। हमारे आध्यात्मिक प्रयासों को सफलता भी तभी मिलती है, जब हम बिना किसी संदेह के इस पथ पर निरंतर बढ़ते रहते हैं। तभी हम पूर्णरूपेण गुरु कृपा को प्राप्त कर पाते हैं।
ध्यान सत्र व प्रसाद वितरण द्वारा कार्यक्रम का समापन हुआ। फ्रंटलाइन, दैनिक सवेरा, पंजाब केसरी, उत्तम हिन्दू आदि विभिन्न अख़बारों द्वारा इस कार्यक्रम को व्यापक रूप से कवर भी किया गया।