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गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा संस्थापित दिव्य ज्योति वेद मंदिर एक शोध व अनुसंधान संस्था है जिसका एकमात्र ध्येय प्राचीन भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान द्वारा सामाजिक रूपांतरण करना है। वैदिक संस्कृति के प्रसार एवं वेदमंत्रोच्चारण की मौखिक परम्परा को कायम करने तथा संस्कृत भाषा को व्यवहारिक भाषा बनाने हेतु दिव्य ज्योति वेद मंदिर देश भर में कार्यरत है। इसी कड़ी में वैश्विक महामारी COVID-19 के लॉकडाऊन अवधि में भी दिव्य ज्योति वेद मंदिर द्वारा विश्व स्तर पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी की नियमित कक्षाएं प्रारंभ की गई है जिनमें वेद मंत्रों के विशुद्ध व सस्वर उच्चारणपाठ सिखाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त संस्कृत भाषा को नियमित बोल चाल की भाषा बनाने के ध्येय से पिछले साल COVID-19 के लॉकडाऊन के समय से अखिल भारतीय स्तर पर संस्कृत वक्तृत्व की नियमित कक्षाओं का आयोजन किया गया है। 

Sanskrit Sambhaashan Course | Convocation Ceremony of 11 Batches | DJVM

29 मई 2021 को हाल ही में संस्कृत संभाषण सत्र संपन्न करने वाले 11 बेचों के ऑनलाइन दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। 1150 से भी

Sanskrit Sambhaashan Course | Convocation Ceremony of 11 Batches | DJVM

ज्यादा प्रतिभागियों को समापन प्रमाण पत्र वितरित किये गये। गुरुदेव सर्वश्री आशुतोष महाराजजी की कृपा तले गुरु स्त्रोतम मंत्र के गायन के माध्यम से समारोह को प्रारम्भ किया गया। विभिन्न प्रकार की गतिविधियों जैसे संस्कृत लघु कथा, हास्यरस, वाक्य निर्माण आदि के माध्यम से प्रतिभागियों को कार्यक्रम में संलग्न किया गया। प्रतिभागियों ने अपने अपने अनुभवों को संस्कृत में साझा किया एवं यह भी बताया की किस प्रकार यह संभाषण सत्र संस्कृत भाषा की महत्ता एवं उसके संरक्षण के विषय में जानने में उपयोगी रहा है। संस्कृत भाषा का सरल रूप में नियमित प्रयोग इस भाषा के महत्व को बनाये रखने तथा अपनी ही जन्म भूमि में विलुप्त होने से बचाने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण एवं अनूठी पहल है। 

आदरणीय अतिथि गण जैसे दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ( DJJS) के सचिव एवं, स्वामी नरेंद्रानंद जी ,वरिष्ठ प्रचारक, RSS एवं अखिल भारतीय सचिव (संस्कृत भारती) श्री शिरिष देओ पुजारी जी, संस्कृत प्रवक्ता एवं प्रधानाचार्य (त्रिशला देवी मनोहर लाल बालिका इंटर कॉलेज , मेरठ, उत्तर प्रदेश)  श्री सुखदा सिंहल , साप्ताहिक शिक्षण प्रमुख (संस्कृत भारती दिल्ली प्रान्त) डॉ. विजय सिंह , शिक्षा प्रमुख (संस्कृत भारती दिल्ली) श्री विनायक हेगड़े जी द्वारा सत्र की शोभा बढ़ाई गयी। सभी अतिथि गणों द्वारा संस्थान के बेहद दिलचस्प एवं परस्पर संवादात्मक सत्रों के आयोजन के सन्दर्भ में गुणगान करते हुए बधाई दी गयी। साध्वी दीपा भारती जी ने सत्र को समापन की ओर ले जाते हुए सभी प्रतिभागियों को सत्र के सफलता पूर्ण समापन पर बधाई दी।

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