Read in English

रामायण ग्रंथ, मानव को उसकी वास्तविक स्वरुप व परिवार और समाज के वास्तविक महत्व से परिचित करवाता है। रामायण द्वारा मानवीय मूल्यों का ज्ञान सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। भगवान विष्णु ने त्रेतायुग में श्री राम रूप में अवतार ले, समाज को धर्म और नैतिकता के मार्ग पर बढ़ने का संदेश दिया। भगवान राम करुणा, सौम्यता, दया, धार्मिकता और अखंडता के अवतार है। यद्यपि उनके पास समस्त शक्तियों थी, परन्तु फिर भी उनकी शांति और सौम्यता में कमी नहीं आयी। श्री राम के जीवन का गहन अवलोकन करने से हमें ज्ञात होता है कि उत्तम पुत्र, उत्तम भाई, उत्तम पति और उत्तम राजा में क्या गुण व विशेषताएं होनी चाहिए है। श्री राम में विद्यमान सभी गुणों के कारण उनके शासनकाल में अयोध्या को रामराज्य के रूप में एक आदर्श राज्य स्वीकार किया गया।

Shri Ram Katha at Batala, Punjab Explained Path to Realize the True Identity Within

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, एक गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी और एक अग्रणी आध्यात्मिक संगठन है। सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संस्थान अनेक सामाजिक व आध्यत्मिक गतिविधियों द्वारा समाज कल्याण हेतु प्रयासरत है। इसी श्रृंखला में 17 से 21 अप्रैल, 2019 तक बटाला, पंजाब में श्री राम कथा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुदेव की शिष्या, साध्वी जयंती भारती जी ने रामायण द्वारा श्री राम जीवन के अनेक पहलुओं को उजागर किया।

Shri Ram Katha at Batala, Punjab Explained Path to Realize the True Identity Within

उन्होंने समझाया कि सतगुरु वह शक्ति है जो ब्रह्मज्ञान द्वारा जीव को आत्म-साक्षात्कार प्रदान कर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। वर्तमान में भी रामराज्य की स्थापना मात्र ब्रह्मज्ञान के आधार पर ही सम्भव है। पूर्ण आध्यात्मिक गुरु की कृपा द्वारा ही मानव इस ईश्वरीय ज्ञान को प्राप्त कर सकता है। श्री राम को उनके आध्यात्मिक गुरु महर्षि वसिष्ठ ने दिव्य ज्ञान प्रदान किया था। वर्तमान में राम राज्य की परिकल्पना को साकार करने हेतु सतगुरु सर्व श्री आशुतोष महाराज जी, प्रत्येक मानव को ब्रह्मज्ञान द्वारा आत्म-साक्षात्कार प्रदान कर रहे है।

संस्थान द्वारा समाज कल्याण हेतु अनेक सामाजिक कार्यक्रम भी चलाए जा रहे है। संस्थान के समाजिक कार्यक्रमों के अंतर्गत नेत्रहीन व विकलांग लोगों के सहयातार्थ अंतर्दृष्टि कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अंतर्दृष्टि के द्वारा नेत्रहीन व विकलांग लोगों को विभिन्न कार्यों में प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाते है। कथा में इनके द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगायी गयी। अंतर्दृष्टि कार्यक्रम के विषय में लोगों को जागरूक करने हेतु प्रदर्शनी के साथ-साथ इनके द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों की बिक्री हेतु स्टाल भी लगाया गया। इन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए लोग इन वस्तुओं को खरीद कर इनका सहयोग कर सकते हैं।

कथा में भारी संख्या में भक्त उपस्थित रहे। कथा द्वारा लोगों ने आनंद और शांति का अनुभव किया। उपस्थित भक्तों ने साध्वी जी द्वारा रोचक ढ़ंग से श्री राम कथा के आध्यात्मिक व वैज्ञानिक पक्षों को रखने की सराहना की।

Subscribe Newsletter

Subscribe below to receive our News & Events each month in your inbox