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गुरुदेव श्री आशुतोष जी महाराज के मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 11 से 15 मई 2022 तक श्री गंगानगर, राजस्थान में पांच दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया गयाl कथा में भगवान श्री राम की जीवन यात्रा का वर्णन कर उनमें छिपे आध्यात्मिक रहस्यों को उद्घाटित किया गया, जो समग्र समाज एवं मानव कल्याण हेतु अनिवार्य हैl श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथाव्यास साध्वी रूपेश्वरी भारती जी ने आध्यात्मिक रहस्यों एवं उनके पीछे छिपे दिव्य संदेशों को बड़ी खूबसूरती से व्यक्त कियाl

Sri Ram Katha's Striking Theology Moved Masses at Sri Ganganagar, Rajasthan

साध्वी जी ने समझाया कि भगवान विष्णु के सातवे अवतार के रूप में भगवान श्री राम ने त्रेता युग में अधर्म को नष्ट कर धर्म की स्थापना हेतु पृथ्वी पर जन्म लियाl स्वामी विवेकानंद के शब्दों में, शिष्टाचार और सदाचार के प्रतीक भगवान राम "सत्य, नैतिकता, आदर्श पुत्र, आदर्श पति और सबसे बढ़कर, आदर्श राजा" हैंl

साध्वी जी ने यह भी बताया कि भक्त हनुमान न केवल भक्ति के प्रतीक हैं बल्कि वे एक आदर्श शिष्य कैसा हो, इसका भी सबसे बड़ा उदाहरण हैं। हनुमान जी ने स्वयं एक बार कहा था- "मैं न तो दिन जानता हूँ और न ही रात, मैं केवल राम को, उनके नाम को और उनके प्रेम को जानता हूँ"।  ऐसी थी उनकी भक्ति की शक्ति, ऐसा था उनका समर्पणl पर हम सोचें की आज हमारा समर्पण ऐसा क्यों नहीं? हम क्यों भक्ति की पराकाष्ठा को प्राप्त नहीं कर पा रहे?

Sri Ram Katha's Striking Theology Moved Masses at Sri Ganganagar, Rajasthan

उन्होंने समझाया कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से अपने अंतर्घट में ईश्वर का साक्षात्कार किए बिना, हम भगवान में विश्वास नहीं कर सकते और विश्वास के बिना, हम उनसे प्रेम नहीं कर सकतेl जब प्रेम की कमी होती है तो भक्ति अधूरी होती है और इसलिए सत्य को बिना जाने प्रेम संभव नहीं हैl पूर्ण प्रक्रिया उसी क्षण से शुरू होती है जब शिष्य को पूर्ण गुरु की दिव्य कृपा के तहत ब्रह्मज्ञान प्रदान किया जाता हैl उसके बाद ही एक शिष्य आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर हो पाता है और ईश्वर के साथ एकाकार होने का परमांनद प्राप्त कर पाता है l

साध्वी जी द्वारा प्रेरणापद विचारों एवं भगवान श्री राम की दिव्य लीलाओं में निहित जीवन का उत्थान करने वाले गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों ने श्रद्धालुओं को लगातार पांच दिवस तक बांधे रखाl भक्ति भाव से ओतप्रोत मनोरम भजनों की श्रंखला ने श्रद्धालुओं के मनों को स्पंदित कर दियाl उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने डीजेजेएस के सभी आयोजकों, प्रचारकों और स्वयं सेवकों के संयुक्त प्रयासों की सराहन कीl

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