श्री राम कथामृत, होशियारपुर, पंजाब : आध्यात्म द्वारा होगा पूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण

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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 18 से 24 मार्च 2019 तक पंजाब के होशियारपुर शहर में श्री राम कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साध्वी गरिमा भारती जी ने कथा का वाचन किया। सात दिवसीय कार्यक्रम में प्रत्येक दिन भारी संख्या में भक्त उपस्थित रहें। वर्तमान समय में समाज को श्री राम के आदर्शों व शिक्षाओं से परिचित करवाने हेतु इस कथा का आयोजन किया गया। साध्वी जी ने अपने विचारों के माध्यम से संदेश दिया कि ईश्वरीय शक्ति ही वास्तिवक धर्म को पुनः स्थापित करने हेतु धरा पर अवतरित होती है। श्री राम  त्रेतायुग में तब अवतरित हुए जिस समय हर ओर राक्षसों और दानवों के राजा रावण द्वारा अराजकता व अधर्म का प्रसार था। साध्वी जी ने बताया कि श्री राम कथा को कई लोग मात्र रावण द्वारा माता सीता का हरण व श्री राम द्वारा रावण वध की ही गाथा मानते हैं। परन्तु सत्य यह है कि रावण व अन्य असुरों ने समाज में अनेक महिलाओं को प्रताड़ित किया था। उन्होंने सामान्य लोगों के जीवन को कठिन और दयनीय बना दिया था। भगवान श्री राम का जीवन इसी क्रूरता व अधर्म पर विजय का प्रतीक है। श्री राम कथा यही संदेश देती है कि सत्य को भले ही विपरीत परिस्थितियों से गुजरना पड़े परन्तु विजय सदैव सत्य की ही होती है।

कथा व्यास जी ने बताया कि भगवान पापियों का अंत करने व भक्तों को अपना पावन सानिध्य देने हेतु अवतरित होते हैं। माता शबरी का उद्धरण देते हुए उन्होंने समझाया कि प्रभु जाति-पाति, वर्ण व लिंग आदि नहीं अपितु भक्ति से प्रसन्न होते हैं। भगवान श्री राम महिला सशक्तीकरण के प्रणेता भी हैं। उन्होंने अपने जीवनकाल में एक पत्नी व्रत का पालन करते हुए महिला उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अहिल्या को ब्रह्मज्ञान द्वारा सशक्त कर उनके जीवन का कायाकल्प किया।

राम राज्य, वह सामाजिक व्यवस्था है जहाँ धार्मिकता और न्याय सर्वश्रेष्ठ है। साध्वी जी ने भगवान राम के जीवन पर लगे आक्षेपों का निवारण भी किया उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री राम ने राष्ट्र के हित और सम्मान हेतु स्वार्थ और परिवार को सदैव गौण माना। यही कारण था कि श्री राम ने माता सीता को वन की ओर भेजा क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि उनके अपने देश के लोग राजा और रानी पर अविश्वास करें। परन्तु इसके पीछे एक अन्य तथ्य यह भी निहित है कि वन में ऋषि-मुनियों के आश्रम में पालन-पोषण द्वारा लव-कुश एक श्रेष्ठ मानव व कुशल योद्धा बन पाए।

संस्थान द्वारा आयोजित की जाने वाली श्री राम कथा, प्रत्येक व्यक्ति के भीतर मौजूद ध्यान शक्ति को प्रकट करती है। पूर्ण गुरु द्वारा ब्रह्मज्ञान पद्धति से इस अनुभूति को प्राप्त किया जा सकता है। ब्रह्मज्ञान की शक्ति व्यक्ति में छिपी क्षमता को विकसित कर उसे भगवान राम द्वारा दिखाए गए सही मार्ग पर ले जा सकती है।

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