राष्ट्रीय युवा दिवस 2026—स्वामी विवेकानंद की जयंती के पावन अवसर पर—दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने अपने नशामुक्ति अभियान बोध के माध्यम से, युवा परिवार सेवा समिति के सहयोग से एक सशक्त संदेश दिया।

“संकल्प – द रियल हीरो: सच्ची युवाशक्ति और वीरता का महोत्सव” का उद्देश्य वीरता की परिभाषा को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना था। यहां वीरता का अर्थ केवल प्रसिद्धि या शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि नशे, भटकाव और नकारात्मक प्रभावों से ऊपर उठने का साहस है। इस अभियान ने हजारों युवाओं को आत्म-अनुशासन, सजग निर्णय और समाज सेवा के मार्ग को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
युवा दिवस: केवल उत्सव नहीं, एक जिम्मेदारी

डीजेजेएस के लिए राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
संस्थान का दृढ़ विश्वास है कि भारत का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज के युवाओं को किस दिशा में मार्गदर्शन मिलता है।
आज के समय में जब युवा वर्ग नशे की लत, डिजिटल निर्भरता, साथियों के दबाव और मूल्य-संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब डीजेजेएस इस दिवस को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक मिशन के रूप में देखता है।
इस प्रयास का लक्ष्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि परिवर्तन लाना है—ऐसा परिवर्तन जो युवाओं को एक स्वस्थ, नशामुक्त और मूल्य-आधारित राष्ट्र के निर्माण का सशक्त निर्माता बनाए।
राष्ट्रव्यापी पहुँच, विस्तृत प्रभाव
यह अभियान देश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचा—8 राज्यों में आयोजित 16 डीजेजेएस शाखाओं के माध्यम से 21 भव्य कार्यक्रमों के रूप में।
शामिल राज्य | दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड |
स्थल | सामुदायिक हॉल, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक मैदान, आश्रम परिसर |
आउटरीच गतिविधियाँ | बड़े पैमाने पर रैलियाँ, रोड शो, स्कूल एवं कॉलेज कार्यक्रम |
कुल लाभार्थी | 37,144+ युवा, विद्यार्थी, महिलाएं, बच्चे, शिक्षक और समुदाय के सदस्य |
पंजाब की गलियों से लेकर उत्तराखंड के विद्यालयों तक, राजस्थान के सामुदायिक भवनों से लेकर बिहार की सड़कों पर निकली जागरूकता रैलियों तक—हर जगह एक ही संदेश गूंजा:
“सच्चा हीरो हमारे भीतर ही बसता है।”
सहभागिता और प्रेरणा से भरपूर कार्यक्रम
संकल्प अभियान को केवल सुनने का नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी का मंच बनाया गया। प्रत्येक गतिविधि का उद्देश्य युवाओं को जागृत करना, सोचने के लिए प्रेरित करना और सकारात्मक बदलाव के लिए तैयार करना था। प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहे—
- “युवा जो उठ खड़े हुए” – प्रभावशाली रोल प्ले
- ‘स्वामी विवेकानंद’ के साथ लाइव कॉन्सेप्चुअल पॉडकास्ट
- ‘ना’ कहने की शक्ति पर प्रेरक प्रदर्शन
- “उठो, जागो और तब तक मत रुको…” – प्रेरणादायी संबोधन
- लाइव युवा संगीत सत्र
- विवेकानंद शौर्य सम्मान – स्थानीय प्रेरणादायी व्यक्तित्वों का सम्मान
- “द रियल हीरोज” फोटो जोन
- प्रदर्शनी, हस्ताक्षर अभियान और सामूहिक युवा संकल्प
इसके साथ ही ध्यान सत्र, ओम जप, कोरियोग्राफी, जागरूकता व्याख्यान और जन-जागरण रैलियों के माध्यम से इस अभियान में आध्यात्मिक गहराई और सामाजिक चेतना दोनों का समावेश किया गया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
अभियान को कई प्रतिष्ठित अतिथियों और सामाजिक नेताओं का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ, जिनमें प्रमुख हैं—
- स्वामी नरेन्द्रानंद जी – वैश्विक महासचिव, डीजेजेएस
- श्रीमती कल्पना देवलाल – महापौर, पिथौरागढ़
- डॉ. अर्चना गुप्ता
- श्री अमन गुप्ता – जिला अध्यक्ष, युवा मोर्चा (भाजपा)
- श्री अनिल जताना – अध्यक्ष, हिमालयन पब्लिक स्कूल
- श्री चन्द्रदेव दुबे – प्रधानाचार्य
इसके अतिरिक्त अनेक शिक्षाविदों, प्रशासकों और सामाजिक नेताओं की उपस्थिति ने इस अभियान की विश्वसनीयता और प्रभाव को और भी सशक्त बनाया।
मीडिया में व्यापक प्रसार
संकल्प का संदेश केवल कार्यक्रम स्थलों तक सीमित नहीं रहा। स्थानीय और क्षेत्रीय प्रिंट तथा डिजिटल मीडिया में व्यापक कवरेज के माध्यम से युवाओं के सशक्तिकरण, नशामुक्ति और मूल्य-आधारित जीवन के संदेश को दूर-दूर तक पहुंचाया गया।
सशक्त भारत के लिए सामूहिक संकल्प
भारत के सच्चे नायकों और स्वामी विवेकानंद की अमर शिक्षाओं से प्रेरित होकर हजारों युवाओं ने एक स्वर में यह संकल्प लिया—
- सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का
- उच्च आदर्शों को जीवन में अपनाने का
- राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का
“संकल्प – द रियल हीरो” के माध्यम से डीजेजेएस और वाईपीएसएस ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि एक ऐसे जागरूक और सशक्त युवा वर्ग का निर्माण करना है जो शोर से नहीं, बल्कि चरित्र से नेतृत्व करे; आवेग से नहीं, बल्कि विवेक से निर्णय ले; और प्रशंसा के लिए नहीं, बल्कि जागरण के लिए आगे बढ़े।