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आंतरिक-जागरण के महान उद्देश्य के साथ, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा 8 से 14 अप्रैल 2026 तक कृष्णा गार्डन, सेक्टर 17, रोहिणी, दिल्ली में दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया गया। इस सात दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन में क्षेत्रभर से भक्तों की भारी उपस्थिति देखने को मिली। कथा स्थल पावन मंत्रोच्चार और भावपूर्ण संगीत से गूंज उठा, जिससे एक शांति और पवित्रता का वातावरण बना।

Divya Jyoti Jagrati Sansthan’s Shrimad Devi Bhagwat Katha in Rohini, Delhi Spread the Message of Devotion & Self-Realisation

प्रेरणादायी प्रवचन

इस कथा का वाचन दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या, साध्वी अदिति भारती जी द्वारा किया गया। ओजस्वी व्याख्या के माध्यम से उन्होंने श्रीमद् देवी भागवत पुराण का गूढ़ सार आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक शैली में प्रस्तुत किया।

Divya Jyoti Jagrati Sansthan’s Shrimad Devi Bhagwat Katha in Rohini, Delhi Spread the Message of Devotion & Self-Realisation

उन्होंने कथा के प्रसंगों को जीवंत आध्यात्मिक सिद्धांतों के रूप में रखा, जो उच्च चेतना को जागृत करने में सक्षम हैं। प्रत्येक प्रवचन मानव जीवन का दर्पण बन गया, जिसने आंतरिक शक्ति, विचारों की पवित्रता और अडिग आस्था को प्रमुखता दी। उन्होंने शाश्वत ज्ञान और आधुनिक चुनौतियों के बीच सामंजस्य स्थापित करते हुए साधकों को बाहरी आश्रितता की बजाय आंतरिक जागरण की ओर जाने का संदेश दिया; सीमाओं से ऊपर उठने, आत्म-जागरूकता विकसित करने और उच्च आदर्शों से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।

आंतरिक जागृति का आह्वान

प्रवचन का केंद्रीय संदेश था कि वास्तविक संतुष्टि बाहरी उपक्रमों में नहीं, बल्कि आंतरिक जागरण में निहित है। उन्होंने कहा कि यह जागरण ब्रह्मज्ञान के माध्यम से संभव है, जो दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा प्रदान किया जाता है। ब्रह्मज्ञान के माध्यम से साधक अपने भीतर परमात्मा का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करता है। तदोपरांत, नियमित रूप से दिव्य दृष्टि पर एकाग्र होकर साधना करने से वह शांति व संतुष्टि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता है।

आध्यात्मिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का संगम

यह कथा डीजेजेएस की सामाजिक पहल ‘कामधेनु’ (भारतीय गौ संरक्षण एवं संवर्धन अभियान) को समर्पित रही। कार्यक्रम में भारतीय गाय की सामाजिक-आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, स्वास्थ्य, पर्यावरण, कृषि और आर्थिक जीवन में अहम भूमिका को प्रमुखता से उजागर किया गया। इस संदेश को आध्यात्मिक सभा से जोड़कर, डीजेजेएस ने इस महत्त्वपूर्ण अभियान के लिए जन-जागरूकता और सामूहिक समर्थन को प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन

सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम ने भक्ति, आंतरिक जागरण और सजग जीवन के सार को सफलतापूर्वक प्रकट किया। उपस्थितजनों ने इन ज्ञानवर्धक सत्रों के लिए हृदय से सराहना व्यक्त की और डीजेजेएस की भावी पहलों से जुड़ने में गहरी रुचि दिखाई। इस आयोजन ने प्रतिभागियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा, उन्हें दैनिक जीवन में आध्यात्मिक मूल्य अपनाने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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