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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) के ‘दिव्य दर्शन भवन’ का उद्घाटन समारोह 18 फरवरी 2023 को नूरमहल आश्रम, पंजाब में ‘अर्पण उत्सव’ के रूप में मनाया गया। लगभग 2.15 एकड़ भूमि पर निर्मित, यह ‘दिव्य दर्शन भवन’ स्वयं में एक उल्लेखनीय भवन है, जहाँ शिष्य सामूहिक ध्यान-साधना कर वातावरण में शांति व आनंद का प्रसार करेंगे। लगभग 2500 व्यक्तियों की क्षमता वाला पूर्णतः वातानुकूलित यह भवन, वास्तु-शास्त्र के अनुसार निर्मित किया गया है। 21 महीनों में निर्मित यह भवन वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवरेज प्रणाली, आधुनिक ऑडिओ-वीडियो प्रणाली, भूकंप रोधी (जोन 4) प्रणाली आदि से सुसज्जित है। भवन के प्रवेश द्वार पर स्थापित ध्यानमग्न साधु की मूर्ति आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

DJJS Celebrated Arpan Utsav at Nurmahal Ashram, Punjab: Inaugural Ceremony of Divya Darshan Bhawan

कार्यक्रम में असंख्य श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) के 400 ब्रह्मज्ञानी वेदपाठियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ, जिसने सम्पूर्ण वातावरण को दिव्य आध्यात्मिक तरंगों से सराबोर कर दिया। गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी को तिलक लगाकर व चरण प्रक्षालन कर श्रद्धासुमन अर्पित करने के उपरांत आरती की गई। श्री आशुतोष महाराज जी के गायक शिष्यों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर शांति व दिव्यता का प्रसार किया। ‘अर्पण उत्सव’ कार्यक्रम 5 मार्च 2023 तक जारी रहेगा, जिसमें डीजेजेएस के असंख्य श्रद्धालुजन आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने हेतु भाग लेंगे।

संस्थान के प्रचारकों ने भक्ति से परिपूर्ण प्रवचनों व प्रेरणात्मक भजनों द्वारा भक्तों का मार्गदर्शन किया। संपूर्ण वातावरण में यही संदेश गुंजायमान हुआ कि ईश्वर से बड़ा कोई सत्य नहीं है, ‘ब्रह्मज्ञान’- ईश्वर दर्शन की शाश्वत विधि- से श्रेष्ठ कोई ज्ञान नहीं है और ध्यान के सागर में गहरा उतरकर मनुष्य जो शांति अनुभव करता है, उससे श्रेष्ठ शाश्वत आनंद, शांति व संतोष का कोई स्रोत नहीं है। केवल समय के पूर्ण सतगुरु ही इस श्रेष्ठ ज्ञान को प्रदान करने में सक्षम होते हैं।

DJJS Celebrated Arpan Utsav at Nurmahal Ashram, Punjab: Inaugural Ceremony of Divya Darshan Bhawan

जब असंख्य ब्रह्मज्ञानी साधक नवनिर्मित दिव्य दर्शन भवन में साधना करेंगे, तो शांति व दिव्यता की तरंगें चहुँ ओर प्रसारित होंगी। आज संसार नकारात्मकता की अग्नि में जल रहा है। केवल ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान ही विश्व में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में कारगर भूमिका निभा सकता है, क्योंकि यह एक ऐसा शक्तिशाली यंत्र है जो पीड़ित मानव मन को बदलने की क्षमता रखता है। 

दिव्य दर्शन भवन वास्तव में गुरुदेव के दिव्य लक्ष्य- ‘आत्म जाग्रति से विश्व शांति’ की ओर बढ़ा एक और कदम है।

उद्घाटन समारोह में परम पूज्य गुरुदेव की दिव्य कृपा का अहसास हर पल बना रहा। अंततः सर्व कल्याण हेतु उपस्थित सभी शिष्यों ने सामूहिक रूप से ध्यान किया और गुरुदेव के विश्व शांति लक्ष्य में पूर्ण योगदान देने का संकल्प धारण किया।

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