दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) की समग्र शिक्षा पहल मंथन - संपूर्ण विकास केंद्र (SVK) ने जुलाई 2026 के अंतर्गत देशभर की विभिन्न शाखाओं में शिक्षा, संस्कार एवं व्यक्तित्व विकास को समर्पित विविध गतिविधियों का सफल आयोजन किया।

गुरु पूजा : श्रद्धा एवं कृतज्ञता की अभिव्यक्ति
मंथन SVK के विद्यार्थियों ने प्रार्थना, भक्तिमय भजनों और हृदयस्पर्शी कृतज्ञता के साथ परम श्रद्धापूर्वक गुरु पूजा का पर्व मनाया। इस पावन अवसर पर बच्चों को दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन का स्मरण करने का अवसर प्रदान किया । इस आयोजन ने विद्यार्थियों में विनम्रता, श्रद्धा एवं सदाचरण जैसे जीवन-मूल्यों का विकास हुआ तथा मंथन SVK की मूल्य-परंपरा के साथ उनका संबंध और अधिक सुदृढ़ हुआ ।

ड्रेस-अप हाइजीन संस्कारशाला : आत्मविश्वास के साथ स्वस्थ आदतों का निर्माण
मासिक संस्कारशाला प्रकल्प के अंतर्गत, मंथन SVK द्वारा ड्रेस-अप हाइजीन (वेशभूषा स्वच्छता) पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए। इसमें स्वच्छ वस्त्र धारण करने, व्यक्तिगत स्वच्छता और मौसम अनुरूप वेशभूषा अपनाने के महत्त्व पर विशेष बल दिया गया। परिचर्चा के माध्यम से विद्यार्थियों ने समझा कि व्यवस्थित वेशभूषा किस प्रकार आत्म-अनुशासन, आत्मविश्वास और परस्पर सम्मान को अभिव्यक्त करती है।
भारत गौरव गाथा : पिपलांत्री के आदर्श की खोज
“भारत गौरव गाथा – आओ करें भारत की सैर” श्रृंखला के अंतर्गत, विद्यार्थियों ने पिपलांत्री ग्राम का प्रेरणादायी आभासी (वर्चुअल) भ्रमण किया। इस सत्र में सामूहिक सहभागिता आधारित पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सुधार के उत्कृष्ट मॉडल को प्रस्तुत किया गया, इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही पर्यावरणीय उत्तरदायित्व एवं नागरिक सजगता की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
अलङ्कृता कार्यशाला : वेदों के व्यास – महर्षि वेदव्यास जी
“वेदों के व्यास – वेदव्यास” विषय पर आधारित अलङ्कृता कार्यशाला में बच्चों को महर्षि वेदव्यास जी के जीवन और उनके महत्त्वपूर्ण योगदान से परिचित कराया गया । कथात्मक एवं रोचक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारत की समृद्ध आध्यात्मिक एवं साहित्यिक परंपराओं को समझा तथा ज्ञान, विद्वत्ता एवं सांस्कृतिक संरक्षण के शाश्वत मूल्यों को आत्मसात किया।
SUPW कार्यशाला : वस्त्र एवं हस्तकला के माध्यम से सृजनात्मकता का विकास
SUPW कार्यशाला के अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यावहारिक वस्त्र-आधारित हस्तकला गतिविधियों में सम्मिलित किया गया, जिसमें दैनिक उपयोग में आने वाले कपड़ों के अवशेषों को उपयोगी वस्तुओं में परिवर्तित किया गया। इस व्यावहारिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों में सूक्ष्म मोटर कौशल, धैर्य एवं रचनात्मक समस्या-समाधान क्षमता का विकास हुआ तथा उन्हें सार्थक पुनःउपयोग (Upcycling) के व्यावहारिक महत्त्व से परिचित कराया गया।
शिक्षक-सेवादार प्रशिक्षण : मूल्य-आधारित शिक्षा की प्रभावशीलता को सुदृढ़ करना
बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित इस क्षमता-संवर्धन कार्यशाला में सेवादारों को प्रभावी मार्गदर्शन तकनीकों और गतिशील कक्षा-प्रबंधन रणनीतियों से सुसज्जित किया गया। इस सहयोगात्मक प्रशिक्षण ने शिक्षकों को नैतिक मूल्यों पर आधारित एक प्रभावशाली और समग्र शिक्षण वातावरण निर्मित करने में सक्षम बनाया।
जन्मदिन समारोह : उल्लास, आत्मीयता एवं सहभागिता का संचार
मंथन केंद्रों पर मासिक जन्मदिन समारोह आयोजित किए गए, जिनमें रचनात्मक खेलों, सहपाठियों की शुभकामनाओं एवं विशेष जलपान के माध्यम से विद्यार्थियों ने आनंदपूर्वक सहभागिता की । आनंद के इन क्षणों ने केंद्रों में समावेशन और भावनात्मक सुरक्षा का परिवेश निर्मित किया, जिससे विद्यार्थियों के मध्य सहानुभूति, सौहार्द और परस्पर देखभाल की भावना और अधिक प्रगाढ़ हुई।
वितरण अभियान : गरिमा एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रयास
शैक्षणिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, मंथन SVK ने चयनित केंद्रों पर विद्यालय वर्दी (यूनिफॉर्म) वितरण अभियान आयोजित किया। अभावग्रस्त पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को आवश्यक स्कूल वेशभूषा उपलब्ध कराकर, इस पहल ने कक्षा में उनके आत्म-सम्मान, गरिमा और समान सहभागिता के भाव को संबल प्रदान किया।
मुख्यालय द्वारा केन्द्रों का दौरा: प्रगति की समीक्षा, संयोजन एवं सुदृढ़ीकरण
DJJS मंथन SVK मुख्यालय द्वारा केंद्रों का प्रत्यक्ष दौरा कर विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय समन्वयकों से संवाद स्थापित किया। इन दौरों का उद्देश्य शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा, प्राथमिक शिक्षण आवश्यकताओं का आकलन और शैक्षणिक लक्ष्यों का समन्वय करना था, जिससे सभी केंद्रों पर विद्यार्थियों का समग्र विकास सतत रूप से सुनिश्चित किया जा सके।
