Read in English

पूर्ण गुरु के शिष्यों के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिन को उत्सव रूप में मनाने हेतु एवं दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) के श्री चरणों में अपनी भावमयी कृतज्ञता को व्यक्त करने के लिए, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा 21 जुलाई 2024 को नूरमहल आश्रम, पंजाब में देव दुर्लभ 'श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के हज़ारों शिष्य अपने गुरु के श्री चरणों में पूजन व वंदन अर्पित करने के लिए कार्यक्रम में एकत्रित हुए।

Soulful Shri Guru Purnima Celebration honoured the sacred guidance and enlightened wisdom of Guru at Nurmahal, Punjab

भव्य कार्यक्रम का शुभारम्भ ब्रह्मज्ञानी वेदपाठियों (दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य) द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। इस उत्सव में भजनों की भावभीनी प्रस्तुतियां शामिल थे, जिनसे वातावरण दिव्यता से स्पंदित हो गया। शिष्यों की आँखें भक्ति भाव के अश्रुओं से नम हुई दिखाई दीं। दिव्य गुरु के प्रचारक शिष्यों ने भावों से अपने आराध्य गुरुदेव का पूजन संपन्न किया, जिसके बाद मंगल आरती हुई। शिष्यों ने सभी के कल्याण के लिए प्रार्थनाएं की और विश्व शांति के मिशन में योगदान हेतु सामूहिक साधना भी अर्पित की।

आध्यात्मिक प्रवचनों में, प्रचारक शिष्यों ने गुरु-शिष्य संबंध की गहराई को विभिन्न उदाहरणों द्वारा रखा। उन्होंने बताया कि इस शाश्वत संबंध में जहां एक शिष्य अपने गुरुदेव की आज्ञाओं को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, वहीं सतगुरु भी अपने शिष्य पर प्रेम और आशीर्वाद बरसाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं। एक पूर्ण गुरु का आगमन शिष्य के जीवन में आंतरिक जाग्रति व आनंद का उदय ले कर आता है। पूर्ण गुरु शिष्य को ‘दिव्य ज्ञान’ प्रदान करते हैं, उसकी दिव्य दृष्टि को सक्रिय करते हैं, जिससे शिष्य अपने भीतर ही ईश्वर का दर्शन करता है। तदोपरांत शिष्य सही मायनों में ध्यान कर पाता है; जिसके माध्यम से वह निरंतर अंतरजगत में डुबकी लगाता है और अनेक आंतरिक-दिव्य अनुभवों का साक्षात्कार करता है। ये अनुभव साधक की जीवन के सभी चरणों और अवस्था में आध्यात्मिक गुरु के प्रति निष्ठा व आस्था को दृढ़ करते हैं। 

Soulful Shri Guru Purnima Celebration honoured the sacred guidance and enlightened wisdom of Guru at Nurmahal, Punjab

कई गणमान्य अतिथि कार्यक्रम की भव्यता के साक्षी बने जैसे श्री तरुण चुघ (राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा), श्री ब्रह्मशंकर जिम्पा (कैबिनेट मंत्री- पंजाब), श्री बलकार सिंह (कैबिनेट मंत्री- पंजाब), श्री सोम प्रकाश (पूर्व राज्य मंत्री, भारत सरकार), श्री विजय संपला (पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री, भारत सरकार), श्री जसवीर सिंह (उत्तर क्षेत्रीय सह संपर्क प्रमुख, आरएसएस), श्री प्रमोद जी (उत्तर क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख, आरएसएस), श्री हंस राज हंस (पूर्व सांसद और गायक), श्री सुशील रिंकू (पूर्व सांसद, जालंधर), श्रीमती संदीप एस कौर (सलाहकार एनएसडीसी भारत सरकार), श्री सुखविंदर कोटली (विधायक, आदमपुर), श्री परगट सिंह (विधायक, जालंधर कैंट), श्री भारत भूषण आशु (पूर्व कैबिनेट मंत्री, पंजाब सरकार), श्री तीक्षण सूद (पूर्व कैबिनेट मंत्री, पंजाब सरकार), श्री अनिल जोशी (पूर्व कैबिनेट मंत्री, पंजाब सरकार), श्री अनिल सरीन (महासचिव, भाजपा एवं प्रवक्ता), श्री सुभाष शर्मा (महासचिव, भाजपा), श्री राजिंदर बेरी (पूर्व विधायक, जालंधर), श्री सरूप चंद सिंगला (पूर्व विधायक, बठिंडा), श्री बलविंदर सिंह लाडी (पूर्व विधायक, श्री हरगोबिन्द्पुरा), श्री संजय तलवार (पूर्व विधायक, लुधियाना), श्री पवन टीनू (पूर्व विधायक, आदमपुर), डा. हरजोत कमल सिंह (पूर्व विधायक, मोगा), श्री सुनील दत्ती (पूर्व विधायक, अमृतसर), श्री के. डी. भंडारी (पूर्व विधायक, जालंधर), श्रीमती इंदरजीत कौर मान (विधायक नकौदर)।

सभी शिष्यों ने सामूहिक ध्यान साधना की, अपने दिव्य गुरुदेव की आज्ञाओं को अक्षरक्ष: पूरा करने का संकल्प लिया, तथा विश्व के कल्याण और शांति की स्थापना के लिए सामूहिक प्रार्थना की। कार्यक्रम का समापन दिव्य भोज के साथ हुआ, जिसमें सभी ने प्रसाद को ग्रहण किया।

इस कार्यक्रम को कई प्रमुख मीडिया चैनलों और समाचार पत्रों ने कवर किया, जैसे दैनिक भास्कर, अमर उजाला, दैनिक जागरण, जालंधर सिटी, दैनिक सवेरा, पंजाब केसरी, उत्तम हिन्दू इत्यादि।

Subscribe Newsletter

Subscribe below to receive our News & Events each month in your inbox