भारत के जरूरतमंद समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुदृढ़ करने के अपने सतत प्रयासों के तहत, डी.जे.जे.एस. आरोग्य ने पिछले चार महीनों (मई–अगस्त 2026) के दौरान 1,787 निवारकएवं सम्पूर्ण स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया। इस अवधि में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 60,364 से अधिक लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों, ओ.पी.डी. सेवाओं, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, विलक्षण योग शिविरों, ध्यान शिविरों तथा रणनीतिक स्वास्थ्य सहभागीदारी के माध्यम से लाभ प्राप्त किया।

भारत के 16 राज्यों में आयोजित इन स्वास्थ्य पहलों ने अपनी प्रभावशाली पहुँच ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में बसे भारतीय एवं स्थानीय समुदायों तक भी बनाई। इन अभियानों को सफल बनाने में डी.जे.जे.एस. की 120 शाखाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाया।
इन सतत प्रयासों और पहलों का प्रभाव निरंतर बढ़ता रहा, जहाँ प्रत्येक कार्यक्रम ने लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, रोगों की समय रहते पहचान एवं रोकथाम को प्रोत्साहित करने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस प्रकार, डी.जे.जे.एस. आरोग्य ने स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रभावशाली कदम आगे बढ़ाया।

स्वास्थ्य शिविर :- बीमारी की समय पर पहचान की पहल।
इस दौरान 8 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इनमें 3 आयुर्वेद शिविर, 2 नेत्र एवं मोतियाबिंद जांच शिविर, 2 सामान्य स्वास्थ्य जांच शिविर और 1 फिज़ियोथेरेपी शिविर शामिल थे। इन शिविरों में 931 लोगों ने स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श और चिकित्सा मार्गदर्शन का लाभ लिया।
OPD सेवाएँ: लगातार स्वास्थ्य सुविधा की ओर कदम।
स्थानीय स्तर पर लोगों को नियमित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में OPD सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मई से जुलाई 2026 के बीच दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और बिहार में 1078 OPD सत्र आयोजित किए गए।
इन OPD में आयुर्वेद, दंत चिकित्सा, ENT, पंचकर्म, होम्योपैथी, फिज़ियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक्स और एक्यूप्रेशर जैसी विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान 14,302 लोगों ने डॉक्टरों से परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
स्वास्थ्य संस्थानों के साथ सहयोग: विशेषज्ञ सेवाएँ लोगों तक।
विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए आरोग्य A & U तिब्बिया कॉलेज एवं अस्पताल, दिल्ली; PGIDS, रोहतक; और AIIMS, दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है ।
इन सहयोगों के माध्यम से आयोजित 32 स्वास्थ्य शिविरों में 2,723 लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ मिलीं। AIIMS, दिल्ली के सहयोग से आयोजित 19 प्राथमिक नेत्र जांच शिविरों में 1,906 लोगों ने नेत्र रोग विशेषज्ञों और ऑप्टोमेट्रिस्ट से परामर्श लिया।
PGIDS, रोहतक के सहयोग से आयोजित 10 शिविरों में 352 लोगों को दंत एवं त्वचा संबंधी विशेषज्ञ परामर्श मिला। वहीं ऐ एंड यु तिब्बिया कॉलेज एवं अस्पताल, दिल्ली के सहयोग से डी.जे.जे.एस के दिव्य धाम केंद्र में आयोजित 3 शिविरों में 465 लोगों ने आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
इन संस्थागत सहयोगों से लोगों को विशेषज्ञों की सलाह, उचित मार्गदर्शन और आवश्यकता पड़ने पर रोगियों के लिए उचित रेफरल सहायता मिल सकी।
बचाव ही बेहतर इलाज: स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर।
बीमारी होने के बाद इलाज कराने के साथ-साथ उससे बचाव के लिए जागरूक रहना भी ज़रूरी है। इसी सोच के साथ आरोग्य ने इस अवधि में 16 सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य-स्वच्छता अभियान आयोजित किए। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित 22 मनोबलम कार्यशाला भी की गई |
इन सभी गतिविधियों के माध्यम से 4,364 लोगों तक “इलाज से बेहतर है बचाव” का संदेश पहुँचाया गया और न केवल उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति पहले से सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया बल्कि अपने स्वास्थ्य की ज़िम्मेदारी स्वयं लेने तथा स्वस्थ, संतुलित और बेहतर जीवन के लिए सकारात्मक कदम उठाने हेतु प्रोत्साहित किया।
मानसिक स्वास्थ्य: मन की मज़बूती भी ज़रूरी।
मानसिक स्वास्थ्य को समग्र स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण आधार मानते हुए, डी.जे.जे.एस.आरोग्य ने आंतरिक शांति, भावनात्मक संतुलन एवं मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए। मनोबलम कार्यशालाओं के साथ-साथ 440 ध्यान शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 21,968 लोगों ने सहभागिता की।
इन शिविरों के माध्यम से प्रतिभागियों ने सामूहिक ध्यान, तनाव प्रबंधन तथा जागरूक जीवनशैली (माइंडफुलनेस) से जुड़ी प्रभावी तकनीकों का अभ्यास किया। परिणामस्वरूप, लोगों में मानसिक शांति, भावनात्मक सुदृढ़ता, सकारात्मक सोच एवं जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित करने में सहायता मिली।
इन प्रयासों ने न केवल मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि लोगों को तनावमुक्त, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
विलक्षण योग शिविर: योग केवल एक दिन के नहीं जीवन शैली है
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर योग से जुड़ी गतिविधियों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया। हालांकि, डी.जे.जे.एस आरोग्य के लिए योग केवल एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि 365 दिन योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जाता है।
इस अवधि में 191 विलक्षण योग शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 16,076 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन शिविरों के माध्यम से लोगों ने योग के ज़रिए शरीर और मन के बीच बेहतर संतुलन बनाने का अनुभव किया।
स्वस्थ समाज की ओर एक निरंतर प्रयास।
इन सभी स्वास्थ्य गतिविधियों को स्थानीय कम्युनिटी से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। इससे सुलभ और किफायती हेल्थकेयर की नींव मजबूत हुई । इन प्रयासों ने लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने, समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
इन चार महीनों के दौरान हुई उल्लेखनीय पहुंच डी.जे.जे.एस आरोग्य की एक सशक्त और समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है—एक ऐसी व्यवस्था, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ, समय पर और प्रत्येक व्यक्ति की पहुंच में हों।
आरोग्य के प्रयास केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोकथाम, जागरूकता और समग्र स्वास्थ्य के माध्यम से एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में भी केंद्रित हैं। वर्ष 2003 से जारी इन प्रयासों के माध्यम से डी.जे.जे.एस. आरोग्य लगातार लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
