दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रतिनिधियों ने श्री विजय भाई रूपाणी (गुजरात के मुख्यमंत्री), श्री भूपेन्द्र सिंह मनुभा चुडासमा (शिक्षा मंत्री) और श्री रणछोड़भाई चानाभाई फड़दु (कृषि, ग्रामीण विकास, परिवहन मंत्री) से भेंट कर, उन्हें श्रीमद्भागवत कथा के लिए आमंत्रित किया। संस्थान द्वारा अहमदाबाद, गुजरात में 23 दिसंबर 2018 से 29 दिसंबर 2018 तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। संस्थान प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित यह बैठक एक सुखद अनुभव रहीं क्योंकि मंत्रियों ने कथा में भाग लेने के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए, साथ ही साथ संस्थान के सामाजिक-आध्यात्मिक गतिविधियों की सराहना भी की। मंत्रियों ने सम्पूर्ण व् शांतिपूर्ण जीवन प्राप्त करने के तरीकों के बारे में विभिन्न प्रश्न पूछते हुए संस्थान के कार्यकलापों में अपनी गहरी रूचि व्यक्त की। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रतिनिधियों ने समझाया कि प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक पद्धति जिसे ब्रह्मज्ञान (दिव्य ज्ञान) कहा गया है, आज विश्व की समस्त समस्याओं का एकमात्र समाधान है। यह ज्ञान शाश्वत आंतरिक ज्ञान का द्वार खोल मानव को जीवन की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उचित निर्णय लेने हेतु सक्षम बनाता है। इसलिए, आज समाज कल्याण हेतु भी ब्रह्मज्ञान की नितांत आवश्यकता है। ब्रह्मज्ञान द्वारा जागृत मानव ही समाज में व्याप्त समस्त समस्याओं का उन्मूलन करने में सक्षम है।
