व्यक्तिगत और राष्ट्रीय विकास में आध्यात्मिक ज्ञान की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या एवं पीस प्रोग्राम की प्रिंसिपल कॉर्डिनेटर, साध्वी तपेश्वरी भारती जी ने 4 अक्टूबर 2026 को नेशनल ब्राह्मण बिजनेस समिट लखनऊ 2026 में एक प्रेरणादायी मुख्य भाषण (Keynote Address) दिया। इस अवसर पर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) लखनऊ शाखा की कोऑर्डिनेटर साध्वी रितु भारती जी भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

लखनऊ के होटल आमोद में आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का आयोजन अखंड भारत ब्राह्मण एकता संघ (ABBEA) द्वारा किया गया था। यह सम्मेलन सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देने, सामाजिक-सांस्कृतिक विकास मॉडलों का अवलोकन करने और सामाजिक कल्याण, शैक्षणिक उन्नति एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। यह रणनीतिक पहलों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध हुआ।
इस उच्च स्तरीय आयोजन में विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों के प्रतिष्ठित नेताओं, नीति-निर्माताओं और प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति रही।

अपने मुख्य भाषण में साध्वी तपेश्वरी भारती जी ने समावेशी विकास और सामाजिक-आर्थिक उन्नति के साथ आध्यात्मिक मूल्यों के समाकलन (integration) पर बल दिया। उन्होंने व्यक्तिगत और सामाजिक संतुलन की आधारशिला के रूप में ब्रह्मज्ञान ध्यान (दिव्य ज्ञान) की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
आत्म-साक्षात्कार (Self-realisation) के दर्शन की व्याख्या करते हुए, साध्वी जी ने ध्यान की इस पद्धति को एक "परम विज्ञान" (Supreme Science) के रूप में वर्णित किया जो आंतरिक रूपांतरण लाती है और बदले में सच्चे विकास व समृद्धि के लिए उत्प्रेरक का कार्य करती है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह आंतरिक संतुलन व्यक्तियों, विशेषकर युवाओं को सुदृढ़ नैतिक मूल्यों एवं उच्च नेतृत्व को विकसित करने के लिए सशक्त बनाता है जिससे वे एकीकृत दृष्टिकोण के तहत सामाजिक उत्थान व राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।
सम्मेलन का समापन अत्यंत उत्साहजनक माहौल में हुआ, जहाँ उपस्थित प्रतिभागी अर्थपूर्ण सामुदायिक सशक्तिकरण और राष्ट्रीय प्रगति के लिए आंतरिक परिवर्तन एवं नैतिक नेतृत्व का लाभ उठाने हेतु प्रेरित हुए।