सनातन ज्ञान, संपूर्ण स्वास्थ्य और आंतरिक जागरण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा 10 से 18 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित नक्षत्र और आरोग्यम मेला 2026 में अपनी सक्रिय एवं सार्थक सहभागिता दर्ज कराई गई। इस मेले में डीजेजेएस का स्टॉल भारत मंडपम स्थल पर हॉल नंबर 11, स्टॉल नंबर 11-07 AB में लगाया गया था।

डीजेजेएस के इस स्टॉल ने आध्यात्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार को संस्थान के निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाया। यहाँ उपलब्ध साहित्य के माध्यम से प्राचीन और सनातन आध्यात्मिक ज्ञान को आज के आधुनिक जीवन से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे लोग उसे अपने दैनिक जीवन में समझ सकें और अपनाने की प्रेरणा ले सकें।
स्टॉल पर मुख्य रूप से आध्यात्मिक शिक्षा, जीवन-मार्गदर्शक ग्रंथों और आधुनिक जीवन की समस्याओं के समाधान के रूप में प्रस्तुत प्राचीन ज्ञान पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसका उद्देश्य आगंतुकों के लिए शांति, आत्मचिंतन और सकारात्मक ऊर्जा जैसे अनुभवों को जागृत करना रहा। डीजेजेएस का स्टॉल आंतरिक उपचार, जागरूकता और प्रेरणा का केन्द्र बनकर उभरा, जहां आगंतुकों को केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि जीवन और स्वास्थ्य के प्रति एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।

डीजेजेएस का स्टॉल ऐसे आध्यात्मिक और दार्शनिक साहित्य के प्रचार पर केंद्रित था, जो पारंपरिक ज्ञान को समकालीन समझ से जोड़ता है जिसमें ऐसी पुस्तकें, पुस्तिकाएँ और प्रकाशन शामिल थे, जो आत्ममंथन, आत्मिक-जागरण और समग्र ज्ञान को प्रोत्साहित करते हैं। डीजेजेएस के प्रचारकों और निस्वार्थ स्वयंसेवकों ने आगंतुकों को आंतरिक जागरण और सामाजिक कल्याण की दिशा में संस्थान के व्यापक मिशन से अवगत कराया। आगंतुकों ने स्टॉल पर उपस्थित स्वयंसेवकों और प्रतिनिधियों से संवाद किया, जहाँ उन्होंने आज के समय में आध्यात्मिक ग्रंथों के ज्ञान की प्रासंगिकता और दैनिक जीवन में उनके व्यावहारिक प्रयोगों के विषय में जाना। साथ ही उन्होंने शिक्षा, कल्याण और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में डीजेजेएस द्वारा की जा रही व्यापक सामाजिक पहलों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
स्वास्थ्य, कल्याण और चेतना-केन्द्रित विविध पहलुओं से सजे इस मेले में डीजेजेएस के स्टॉल ने लगातार उन आगंतुकों को आकर्षित किया जो आंतरिक स्पष्टता, मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य से परे जीवन के गहरे अर्थ को जानने की इच्छा रखते थे। डीजेजेएस की उपस्थिति ने इस संदेश को सशक्त रूप से रेखांकित किया कि सच्चा आरोग्यम अर्थात संपूर्ण कल्याण, तभी संभव है जब शरीर, मन और आत्मा- तीनों में संतुलन हो। जो केवल आध्यात्मिक जागरण के माध्यम से ही संभव है।
परस्पर संवाद सत्रों के साथ-साथ स्टॉल पर आध्यात्मिक साहित्य, पत्रिकाएँ और जानकारी देने वाली पुस्तकें भी वितरित की गईं, जिनमें आत्म-साक्षात्कार और समग्र जीवन शैली के दर्शन को विस्तार से समझाया गया था। ये संसाधन आगंतुकों के लिए अमूल्य स्मृतियों के रूप में रहे, जिससे वे मेले के बाद भी अपनी आंतरिक यात्रा को जारी रख सकें। संक्षिप्त ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों ने इस समझ को और अधिक गहराई दी कि कैसे आंतरिक जागरण स्वास्थ्य, संबंधों और संपूर्ण जीवन-स्तर को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
डीजेजेएस के स्टॉल ने नक्षत्र एवं आरोग्यम मेला 2026 के व्यापक उद्देश्यों के साथ पूर्ण समरसता प्रदर्शित की, जिसमें कल्याण के आध्यात्मिक आयाम को उजागर किया गया। प्रदर्शनों और संवादों ने सामूहिक रूप से यह संदेश दिया कि स्थायी सुख आत्म-साक्षात्कार से प्रारंभ होता है, जो स्थायी स्वास्थ्य और आनंद का स्रोत है। इस समग्र दृष्टिकोण की सराहना आगंतुकों के साथ-साथ अन्य प्रदर्शकों द्वारा भी व्यापक रूप से की गई।
अंततः नक्षत्र और आरोग्यम मेला 2026 में डीजेजेएस स्टॉल आंतरिक उपचार और सचेत जीवन-शैली का एक प्रकाश-स्तंभ बनकर उभरा। लोगों को आत्म-साक्षात्कार और आध्यात्मिक जागरण की ओर मार्गदर्शित करते हुए, डीजेजेएस ने यह समझ सुदृढ़ की कि सच्चा स्वास्थ्य केवल शरीर तक सीमित नहीं होता, बल्कि आत्मिक जागरण से जुड़ा होता है। यह स्टॉल न केवल मेले की समग्र परिकल्पना के अनुरूप रहा, बल्कि असंख्य आगंतुकों को आंतरिक संतुलन, नैतिक जीवन और दीर्घकालिक कल्याण की यात्रा पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करते हुए, उनके हृदय और मन पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ गया।