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आध्यात्मिक ज्ञान के प्रकाश का विस्तार करने तथा आत्म-परिवर्तन के लिए एक पवित्र केंद्र स्थापित करने के उद्देश्य से 10 मई 2026 को उदयपुर, राजस्थान में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) के नवस्थापित आश्रम का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस शुभ अवसर पर डीजेजेएस प्रतिनिधि, भक्तगण, साधक और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित हुए। सभी ने परम पूजनीय श्री आशुतोष महाराज जी द्वारा संकल्पित आध्यात्मिक पुनर्जागरण हेतु स्थापित संस्थान की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का स्वागत किया। यह नवीन केंद्र एच-85, एल-ब्लॉक, शास्त्री नगर, सेक्टर-14, उदयपुर, राजस्थान- 313001 में स्थापित किया गया है।

Echoes of Devotion Mark the Auspicious Opening of the New DJJS Ashram at Udaipur, Rajasthan

समारोह का शुभारम्भ वेद मंत्रोच्चार, हृदयस्पर्शी भजनों एवं मंगलमय प्रार्थनाओं के साथ हुआ। जिसके चलते सम्पूर्ण वातावरण दिव्य ऊर्जा से अनुप्राणित हो उठा। यह नव उद्घाटित आश्रम शांति, भक्ति और आत्म-जागरण का प्रतीक बनकर मानवता को ब्रह्मज्ञान एवं धर्ममय जीवन के शाश्वत पथ पर अग्रसर करने हेतु समर्पित है। इस पावन अवसर पर डीजेजेएस प्रतिनिधियों ने अपने आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी के आशीर्वचनों एवं शिक्षाओं को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया।

अपने प्रवचन में संस्थान प्रतिनिधि ने कहा कि वास्तविक आश्रम केवल ईंट-पत्थरों से निर्मित एक भौतिक संरचना नहीं होता, बल्कि वह एक आध्यात्मिक साधना-स्थल होता है, जहाँ ईश्वर-साक्षात्कार के माध्यम से मनुष्य में ही आध्यात्मिकता का जागरण होता है। उन्होंने समझाया कि जब मन ब्रह्मज्ञान के माध्यम से प्रभु से जुड़ता है, तब जीवन स्वाभाविक रूप से शांति, करुणा, विनम्रता और दिव्य आध्यात्मिक उद्देश्य से पुष्पित हो उठता है। उनके विचारों ने भक्तों को अपने अंतर्मन रूपी मंदिर में प्रवेश पा, अन्तरजागृति प्राप्त कर समाज में आध्यात्मिक चेतना के संवाहक बनने की प्रेरणा दी।

Echoes of Devotion Mark the Auspicious Opening of the New DJJS Ashram at Udaipur, Rajasthan

डीजेजेएस प्रतिनिधियों ने सभा को संबोधित करते हुए आज के युग में ऐसे आध्यात्मिक केंद्रों की स्थापना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आधुनिक मानवता भौतिक प्रगति के बावजूद तनाव, नकारात्मकता और भावनात्मक रिक्तता से जूझ रही है। वहीं, पूर्ण तत्ववेत्ता सतगुरु का आश्रम एक ऐसा दिव्य आश्रय है, जहां प्रत्येक व्यक्ति ध्यान, सत्संग और निस्वार्थ सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक पोषण, नैतिक शक्ति और आंतरिक स्थिरता को प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए यह नव उद्घाटित आश्रम इन पुण्य गतिविधियों का जीवंत केंद्र बनकर सनातन मूल्यों की अमर ज्ञानधारा का प्रसार करेगा।

श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय एवं भावपूर्ण भजनों ने उपस्थित जनसमूह को दिव्य आनंद से सराबोर कर दिया। यह कार्यक्रम भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक उत्साह का सुंदर संगम रहा। जिसने प्रत्येक उपस्थित व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान की।

यह उद्घाटन समारोह सामूहिक प्रार्थना के साथ समाप्त हुआ, जिसमें विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की गई। सम्पूर्ण सभा परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य कृपा के प्रति कृतज्ञता से ओत-प्रोत दिखी। जिनकी दूरदर्शी प्रेरणा विश्वभर में आध्यात्मिक चेतना के ऐसे अनेकों प्रकाश-स्तंभ स्थापित कर रही है। उदयपुर में स्थापित यह नव उद्घाटित आश्रम अब ध्यान, भक्ति एवं आत्म-साक्षात्कार का एक आलोकमय केंद्र बनकर प्रत्येक साधक का स्वागत कर रहा है, ताकि वह अज्ञान के अंधकार से दिव्य प्रकाश की ओर अपनी शाश्वत यात्रा प्रारम्भ कर सके।

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