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श्रीमद् भगवद गीता की शाश्वत शिक्षाओं का प्रसार करने और कनाडा में भारतीय प्रवासी तथा स्थानीय समुदाय के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने हेतु ‘दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान’ की टोरंटो शाखा द्वारा 6 दिसंबर 2025 को टोरंटो, कनाडा में सफलतापूर्वक गीता महोत्सव 2025 का आयोजन किया। यह आयोजन ‘एक योद्धा का जागरण’ जैसे प्रेरणादायक प्रसंग पर आधारित था। यह कार्यक्रम श्रीमद भगवद गीता के शाश्वत उपदेशों का एक पावन उत्सव था, जिसे सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए आकर्षक और गूढ़ सार्थकता के साथ प्रस्तुत किया गया।

Gita Mahotsav 2025 organized by DJJS Toronto, Canada, glorified experiencing inner victory through the ancient wisdom of Bhagavad Gita

दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) की दिव्य कृपा से इस महोत्सव में संस्थान के निःस्वार्थ कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। श्रीमद् भगवत गीता की पावन शिक्षाओं को महाभारत पर आधारित नाट्य मंचन, शास्त्रीय एवं आधुनिक नृत्य प्रस्तुतियाँ, आत्मा को छू लेने वाले भजन और ज्ञानवर्धक प्रवचन के विलक्षण संयोजन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

डीजेजेएस के प्रतिनिधि स्वामी सच्चिदानंद जी ने अपने आध्यात्मिक प्रवचन में बताया कि ‘एक योद्धा का जागरण’ का प्रसंग इस सत्य को दर्शाता है कि प्रत्येक व्यक्ति जीवन के रणक्षेत्र में एक योद्धा है, जहाँ उसे भय, भ्रम, आसक्ति और अहंकार जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जैसे कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन भ्रमित और दुर्बल अवस्था में खड़े थे, वैसे ही आज का मनुष्य भी संदेह और अनिर्णय की स्थिति से जूझता हुआ दिखाई देता है।  इस कार्यक्रम के माध्यम से अत्यंत सुंदरता से यह संदेश दिया गया कि बाह्य विजय से कहीं अधिक, सच्ची विजय ब्रह्मज्ञान के माध्यम से आंतरिक विवेक के जागरण में है।

Gita Mahotsav 2025 organized by DJJS Toronto, Canada, glorified experiencing inner victory through the ancient wisdom of Bhagavad Gita

डीजेजेएस प्रतिनिधि ने श्रीमद् भगवद गीता की मूल शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से ‘ब्रह्मज्ञान’ के महत्व को रेखांकित किया, जो एक सच्चे गुरु द्वारा प्रदान किया जाता है। उन्होंने उल्लेख किया कि गीता का ज्ञान अनुभवजन्य ज्ञान के बिना अधूरा है और एक साक्षात गुरु ही साधकों को सच्चे आध्यात्मिक जागरण की राह पर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निष्कर्ष रूप में कहा कि जीवन के संघर्षों में स्पष्टता और साहस के साथ आगे बढ़ने के लिए एक सच्चे गुरु का आंतरिक मार्गदर्शन अनिवार्य है।

इस पावन आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे भारत के महावाणिज्य दूतावास, टोरंटो से श्री कुलजीत सिंह अरोड़ा जी (काउंसलर – ओसीआई, एससी एवं एटेस्टेशन) ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय आध्यात्मिक विरासत और मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए डीजेजेएस टोरंटो के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से विदेश में पल-बढ़ रहे युवा वर्ग के लिए संस्थान द्वारा गीता ज्ञान को रचनात्मक और सार्थक ढंग से प्रस्तुत करने के लिए संस्थान की प्रशंसा की।

संक्षेप में, ‘गीता महोत्सव 2025’ मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी अनुभव था, जिसने प्रत्येक प्रतिभागी के भीतर स्थित योद्धा को जागृत किया। आध्यात्मिकता, कला और दर्शन के समन्वय के माध्यम से इस कार्यक्रम ने भगवद गीता की चिरकालिक प्रासंगिकता और संतुलित, उद्देश्यपूर्ण तथा प्रबुद्ध जीवन जीने की इसकी शिक्षा को पुनः पुष्ट किया। यह महोत्सव आध्यात्मिक ज्ञान, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, ज्ञान और आंतरिक जागरण के पथ पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।

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