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पटियाला|दिनांक -13- Nov-2016 को  भारतीय विकास परिषद संघ द्वारा पंजाब के पटियाला क्षेत्र  स्थित डीएमडब्ल्यू ऑडिटोरियम में आयोजित “स्वावलंबन कार्यक्रम के प्रथम क्षेत्रीय महिला सम्मेलन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया.

अंतर्राष्ट्रीय “स्वावलंबन कार्यक्रम 2016” के प्रथम क्षेत्रीय महिला सम्मेलन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान को मुख्य वक्तव्य प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया गया

स्वावलंबन कार्यक्रम में आयोजित प्रथम क्षेत्रीय महिला सम्मेलन में श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी विदुषी वैष्णवी भारती जी महिलाओं के सम्मान व सशक्तिकरण के विषय को उठाते हुए कहा कि नारी का आत्म निर्भर होना ही स्वावलंबन है। आज की नारी पढ़-लिख तो गई है लेकिन फिर भी कई क्षेत्रों में नारी का जीवन पिछड़ा हुआ है, इसलिए वह आत्म निर्भर नहीं हो पा रहीं। इसलिए उन्हें आगे लाने की जरुरत है और अपने गुरुदेव की अध्यात्म आधारित मानसिकता परिवर्तन की विलक्षण विचारधारा पर प्रकाश डाला.

अंतर्राष्ट्रीय “स्वावलंबन कार्यक्रम 2016” के प्रथम क्षेत्रीय महिला सम्मेलन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान को मुख्य वक्तव्य प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया गया

सभागार में देश विदेश से उपस्थित गणमान्य अतिथि राज्य सभा सदस्य श्री श्वेत मलिक, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री अजय दत्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री सुशील लुथरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्षेत्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री प्रेम जी गोयल, पंजाब की पूर्व समाज सेविका व स्वास्थ्य मंत्री प्रो श्रीमती लक्ष्मीकांत चावला, डॉ हरजिन्दर सिंह बेदी समाज सेवक व बुद्धिजीवी और अन्य मौजूद थे। 

अपने गुरुदेव का नाम लेते हुए साध्वी जी ने कहा, “श्री आशुतोष महाराज जी का कथन है – नारी के सामान की पुनर्स्थापना हेतु नारी को तो उसके वास्तविक स्वरुप का बोध करवाना ही है, साथ ही पुरुष को भी नारी की गरिमा का बोध करवाना आवश्यक है. और ये दोनों ही तब तक संभव नहीं, जब तक नारी और पुरुष दोनों अध्यात्म के स्तर पर जागृत होकर अपने आत्म स्वरुप से परिचित नहीं हो जाते”. अपने अंतिम विचारों में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के लिंग समानता कार्यक्रम – संतुलन के अंतर्गत कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध चलाई जा रहे राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण अभियान “तू है शक्ति” को प्रस्तावित करते हुए साध्वी जी ने बताया की “तू है शक्ति” के अंतर्गत भारत के 8 राज्यों में कुल मिलाकर 150 जेंडर क्रिटिकल जिलों के लगभग 6000 क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है. 8 प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से 2500 महिला चेंज एजेंट्स तैयार की गयी है जो गाँव गाँव गली गली जाकर समाज को जागरूक कर रही हैं.

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा “स्वावलंबन कार्यक्रम में भव्य प्रदर्शनी लगायी गयी जिसके अंतर्गत संस्थान के लगभग 10 युवा कार्यकर्ताओं ने हजारों की संख्या में दर्शनार्थियों व सभासदों को भारतीय संस्कृति के मूल्यों से परिपूर्ण अध्यात्मिक विचार प्रदान किये.

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान एक सामाजिक आध्यात्मिक संस्था है जिसका ध्येय है - आध्यात्मिक जागृति द्वारा विश्व में शान्ति. संस्थान द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ साथ नशा मुक्ति, अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षार्थ, पर्यावरण संरक्षण हेतु, गो संरक्षण, संवर्धन एवं नस्ल सुधार, समाज के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन तथा नेत्रहीनो, अपाहिजों के सशक्तिकरण के साथ साथ जेल के कैदी बंधुओं के लिए भी समाज कल्याण के प्रकल्प चलाये जा रहे हैं.

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