दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 27 मार्च से 2 अप्रैल 2022 तक ‘मीरा श्याम कथा’ को प्रस्तुत किया गया। प्रसिद्ध भक्ति संत ‘मीराबाई जी’ के जीवन पर आधारित सात दिवसीय आध्यात्मिक गाथा को कथा के माध्यम से डीजेजेएस के यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया गया। विश्व के विभिन्न हिस्सों से हज़ारों शिष्यों एवं श्रद्धालुओं ने वर्चुअल कथा को श्रवण किया तथा संत मीराबाई जी की क्रांतिकारी शिक्षाओं और जीवन दर्शन के बारे में जाना।

कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) की शिष्या कथा व्यास साध्वी वैष्णवी भारती जी ने मीराबाई जी के जन्म, प्रारंभिक जीवन से लेकर उनके भक्ति आंदोलन तक के विभिन्न जीवन प्रसंगो को बहुत खूबसूरती से प्रस्तुत किया। कथा के मार्मिक प्रसंगों के साथ शिष्य संगीतकारों द्वारा रचित भावपूर्ण सुमधुर दिव्य भजनों को पिरोया गया था।
साध्वी जी ने इस तथ्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मीराबाई जी का भगवान श्री कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम था।आध्यात्मिक स्तर पर जागृत होने के साथ साथ वह एक कवयित्री, समाज सुधारक व महिला सशक्तिकरण की सच्ची मिसाल थीं। मीराबाई जी का सांसारिक जीवन चुनौतियों और कठिनाइयों से भरा रहा। उन्होंने अनेकों कठिनाईयों का सामना किया। परन्तु अपने निडर स्वभाव, अदम्य साहस और मज़बूत इच्छाशक्ति के कारण वह दृंढ रहीं। रानी होते हुए भी उन्होंने पूर्ण त्याग और आत्म समर्पण का जीवन जिया। उन्होंने सती प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई।

गुरु रविदास जी के द्वारा ब्रह्मज्ञान की दीक्षा प्राप्त कर, उन्होंने परमसत्ता के वास्तविक रूप के दर्शन अपने घट में किए। तदोपरांत उन्होंने कई भक्ति रचनाओं को आकार दिया। अपने ही परिवार से आलोचनाओं का सामना करने के बावजूद मीराबाई जी भक्ति पथ पर दृढ़ रहीं।
साध्वी जी ने निष्कर्ष दिया कि संत मीराबाई जी का जीवन हमें भगवान श्री कृष्ण जैसे एक सच्चे साथी की तलाश करने के लिए प्रेरित करता है, जिनका संबंध शाश्वत हो। हमें आध्यात्मिक पथ पर दृढ़ता, श्रद्धा, समर्पण तथा पूरी निष्ठा के साथ अग्रसर रहना चाहिए। संघर्षो का सामना करने में ही व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास छिपा होता है। हमें भी पूर्ण ब्रह्मनिष्ठ सत्गुरु के पदचिन्हों पर चलकर अपने जीवन को आत्म ज्ञान तथा आध्यात्मिक उत्थान की ओर अग्रसर करना चाहिए। इसी से जीवन में शांति और परमानन्द प्राप्त हो सकता है।
‘मीरा श्याम कथा’ ने वास्तव में संत मीराबाई जी की क्रांतिकारी जीवन गाथा में निहित अनेकों रहस्यों को उद्घाटित किया। समस्त भक्त श्रद्धालुगण वर्चुअली प्रभु की मंगल आरती में सम्मिलित हुए तथा मीराबाई जी की भक्ति के दिव्य रंगो से अभिभूत हो उठे।