हर माह आयोजित आध्यात्मिक सत्संग व भंडारा कार्यक्रम का लक्ष्य सभी शिष्यों को एक छत के नीचे एकत्र करना है ताकि वे दिव्य अनुभवों को साझा कर सकें, नई आध्यात्मिक उन्नति कर सकें और स्वयं की गलतियों को सुधार सकें। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने 7 अक्टूबर 2018 को दिव्य धाम आश्रम, नई दिल्ली में मासिक आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया। दिल्ली और एनसीआर के कई भक्तों ने इस कार्यक्रम में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज़ की।
अलग-अलग लोगों के लिए जीवन का अलग अर्थ है। कुछ लोग कुछ भी महसूस नहीं करते और जहां भी वे रहते हैं, जीवन का आनंद लेते हैं। कुछ लोग संघर्ष करते हैं और हर दिन हासिल करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हैं और कुछ अपने जीवन के उद्देश्य पर चिंतित रहते हैं, फिर भी इसे नहीं पाते हैं। लेकिन मासिक कार्यक्रम में, संस्थान द्वारा शिष्यों को सफलतापूर्वक समझाया जाता है कि एक आध्यात्मिक सतगुरु के सभी शिष्यों के लिए जीवन का क्या अर्थ है।
एक बार पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी ने समझाया: “जीवन एक युद्ध है और आप एक योद्धा है, डटकर इसे पूरे जुनून से लड़ो, घावों के दर्द या असफलता के भय से कहीं रुक मत जाना। मैं हर क्षण, हर पल तुम्हारे साथ हूँ!!! क्योंकि मैं तुम्हें एक विजयी योद्धा बनाना चाहता हूं। !!!”
वास्तव में धन्य हैं वे लोग जिन्होंने ऐसे महान दिव्य गुरु से जीने का तरीका सीखा है और एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए खुद को बदलने के लिए शिक्षाओं और सीखने का अभ्यास कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम प्रार्थना और आध्यात्मिक श्लोकों से शुरू हुआ। बहुत जल्द ही दर्शकों ने भक्ति गीतों की श्रृंखला के संगीत में खुद को सराबोर पाया, जो उनके दिल और दिमाग को छू गया। भजनों के शब्दों ने दर्शकों के विचारों में दिव्य परिवर्तन के उद्देश्य को सफलतापूर्वक सिद्ध किया, उनकी आंखों में भक्तिपूर्ण आँसूओं से यह बहुत स्पष्ट था।
संस्थान के आध्यात्मिक प्रवक्ता व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्यों ने अपने अमूल्य दिव्य अनुभव साझा किए और श्रोताओं को गुरु की बुनियादी शिक्षाओं और जीवन के मुख्य उद्देश्य के लिए निर्देशित किया। उन्होंने उद्धरण से समझाया कि समय की कीमत को समझते हुए, खुद को संवारने के इस सुनहरे मौके को अपना सौभाग्य जानते हुए, अपने आप पर काम कर समाज में सच्चे शिष्य का असली उदाहरण बनना चाहिए।
सामूहिक भंडारा कार्यक्रम से कार्यक्रम के अंत को चिह्नित किया गया। दर्शकों ने संस्थान और स्वयंसेवकों को दिल से कृतज्ञता व्यक्त की जिन्होंने इस कार्यक्रम में भरपूर योगदान दिया।
