अयोध्या, उत्तर प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक और आध्यात्मिक उत्सवों का शिरोमणि दीपोत्सव 2025, इस वर्ष और भी अधिक अलौकिक बन गया जब SAM Workshops की टीम ने अपने भव्य बैले नाट्य “राम राज्य साकार हो उठे!” के माध्यम से इतिहास को जीवंत कर दिखाया |

अयोध्या की पावन भूमि पर दीपों की अनगिनत ज्योति के बीच प्रस्तुत यह अद्वितीय नृत्य-नाट्य दीपोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसने दर्शकों को त्रेतायुग के उस दिव्य रामराज्य की झलक दिखायी जहाँ मर्यादा, धर्म और करुणा का शासन था|
“राम राज्य साकार हो उठे” के माध्यम से कलाकारों ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, करुणा और धर्मनिष्ठा को मंच पर ऐसा साकार किया कि हर दृश्य एक भावनात्मक अनुभूति बन गया। प्रत्येक नृत्य-रचना, प्रत्येक भाव-अभिनय और प्रत्येक संगीत-संयोजन ने यह संदेश दिया कि रामराज्य केवल अतीत की कथा नहीं, बल्कि आज भी एक आदर्श समाज की प्रेरणा है।

गरिमामयी उपस्थिति में कलाकारों का उत्साह:
यह क्षण और भी विशेष बन गया जब कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने हेतु उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी व स्वामी नरेंद्रानंद जी (राष्ट्रीय सचिव, DJJS) पधारे और कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की। उनकी उपस्थिति ने सम्पूर्ण मंचन को एक नई ऊर्जा और गौरव से आलोकित कर दिया।
SAM Workshop, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता है-
- श्री विशाल सिंह, निदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तर प्रदेश
- श्री अतुल द्विवेदी, निदेशक, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग
- श्रीमती सृष्टि धवन, निदेशक, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग
- श्रीमती रेनू रंग भारती, सहायक निदेशक, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग
इन सभी अधिकारियों के अमूल्य सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के बिना यह मंचन संभव नहीं था। कला के प्रति उनका समर्पण और संवेदनशीलता ही वह प्रेरणा रही जिसने हमारे कलाकारों को अपनी रचनात्मकता की पराकाष्ठा तक पहुँचने में सक्षम बनाया।
संस्कृति और कला का अनुपम संगम:
“राम राज्य साकार हो उठे” केवल एक नृत्य-नाट्य नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा थी — जहाँ नृत्य, संगीत और भक्ति ने मिलकर यह संदेश दिया कि रामराज्य केवल इतिहास नहीं, बल्कि मानवीय आदर्शों का जीवंत प्रतीक है।
SAM Workshops ने पारंपरिक भारतीय नृत्य-शैलियों और आधुनिक प्रस्तुति-शैली का ऐसा मनमोहक समन्वय प्रस्तुत किया जिसने हर आयु वर्ग के दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह प्रस्तुति उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला-संस्कृति के मंच पर युवा प्रतिभा, समर्पण और सृजनात्मकता का एक उज्ज्वल उदाहरण बनकर उभरी। अयोध्या दीपोत्सव 2025 में “राम राज्य साकार हो उठे” वास्तव में उस भाव का प्रतीक रहा — जहाँ संस्कृति, श्रद्धा और कला ने मिलकर एक नए युग की ज्योति प्रज्वलित की।
जय श्रीराम!