स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर, SAM ने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में दिल्ली पर्यटन के सहयोग से राष्ट्रीय युवा दिवस का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्कृति, संगीत और युवाशक्ति के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के जाग्रत, सशक्त और राष्ट्रनिर्माता युवा के विचार को समर्पित था।

इस आयोजन में दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तर एवं दक्षिण परिसरों से 6,000–7,000 से अधिक छात्रों की सहभागिता रही। बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति और उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया ने राष्ट्रीय युवा दिवस की प्रासंगिकता और SAM की पहल के प्रभाव को सशक्त रूप से रेखांकित किया।
कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के अनेक प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें श्री वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज, रामलाल आनंद कॉलेज, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज, जीसस एंड मैरी कॉलेज, मैत्रेयी कॉलेज, किरोरी मल कॉलेज, रामजस कॉलेज, शहीद भगत सिंह कॉलेज, दयाल सिंह कॉलेज, तथा कला संकाय, उत्तर परिसर शामिल रहे। यह व्यापक सहभागिता आयोजन की अंतर-महाविद्यालयीय पहुँच को दर्शाती है।

कार्यक्रम की शुरुआत SAM के इन-हाउस फ्यूज़न बैंड Eternal Bliss द्वारा प्रस्तुत भजन क्लबिंग से हुई, जिसमें आधुनिक संगीत के साथ आध्यात्मिक भावनाओं का सशक्त समन्वय देखने को मिला। इसके पश्चात SAM की परफॉर्मिंग आर्ट्स टीम Eternal Splendour ने एक प्रभावशाली संगीतात्मक बैले प्रस्तुत किया, जिसमें स्वामी विवेकानंद को केवल एक संन्यासी ही नहीं, बल्कि एक राष्ट्रवादी दृष्टा के रूप में चित्रित किया गया। इस सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड गायिका निष्ठा शर्मा की विशेष प्रस्तुति भी शामिल रही।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण साध्वी परमा भारती का प्रेरक संबोधन रहा। उन्होंने दीपक की लौ का उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे वह कितनी भी डगमगाए, उसकी दिशा सदैव ऊपर की ओर होती है। इसी प्रकार युवाओं को भी आत्म-साक्षात्कार और व्यावहारिक आध्यात्मिक साधना के माध्यम से अपने उच्चतर लक्ष्य की ओर अग्रसर होना चाहिए।
आयोजन का समापन युवाओं द्वारा सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने उद्देश्यपूर्ण जीवन, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर बांसुरी स्वराज जी, अनिल शर्मा जी तथा राजीव बब्बर जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे आधुनिक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का सशक्त समन्वय बताया।
SAM की निदेशक साध्वी डॉ. शिवानी भारती एवं समन्वयक साध्वी रुचि भारती ने कहा कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक युवा आंदोलन है। यह पहल श्री आशुतोष महाराज जी, संस्थापक एवं अध्यक्ष दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, के उस दृष्टिकोण से प्रेरित है, जिसके अनुसार आंतरिक विकास ही बाहरी क्रांति का आधार है।