नई दिल्ली: भव्य भारत मंडपम में आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) में कला और प्रेरणा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। यहाँ दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (DJJS) की युवा सशक्तिकरण पहल, SAM Workshops, ने एक ने एक अविस्मरणीय कार्यक्रम प्रस्तुत किया | कार्यक्रम के दौरान जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और एक शक्तिशाली प्रेरक सत्र पेश किए गए, जिसने दर्शकों में एक नया जोश भर दिया

कला और चिंतन का अद्भुत दृश्य
यह कार्यक्रम मनोरंजन और आत्म-चिंतन का एक बेहतरीन मिश्रण था। शाम की शुरुआत Eternal Bliss की संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुई। पारंपरिक धुनों और समकालीन बीट्स के उनके अनूठे संगम ने युवा दर्शकों के दिलों को छू लिया, जिससे कार्यक्रम का माहौल देखते ही देखते जोश और उत्साह से भर उठा |

संगीत की लहरें थमते ही, DJJS की प्रचारक साध्वी परमा भारती जी ने एक गहन प्रेरक व्याख्यान दिया। उनका संबोधन आंतरिक क्षमता को जगाने और युवाओं को एक उद्देश्यपूर्ण व सकारात्मक जीवन की ओर मार्गदर्शन करने पर केंद्रित था, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया।
अगली प्रस्तुति में 'लास्य ग्रुप' के शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सजीव हो उठा। उनकी सुंदर और मनमोहक प्रस्तुति ने भारतीय शास्त्रीय कलाओं की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया और सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए हमारे सम्मानित अतिथि उपस्थित थे - श्री अरविंद त्रिपाठी (महासचिव, यूथ4नेशन फाउंडेशन), श्री बृजेश श्रीवास्तव (सामाजिक कार्यकर्ता और सह-संस्थापक, मेडीवेज़ हेल्थ फाउंडेशन), श्री प्रखर (वरिष्ठ पत्रकार) और सुश्री अभिलाषा (फैशन कंसल्टेंट और मिस इंडिया कैंसर वॉरियर की सोशलिस्ट डायरेक्टर), उनकी उपस्थिति ने SAM के आत्म-विकास और राष्ट्र निर्माण के संदेश की व्यापक अपील को उजागर किया |
महत्वपूर्ण संवाद
कार्यक्रम में एक नया आयाम जोड़ते हुए, SAM Workshops की निदेशक साध्वी डॉ. शिवानी भारती जी ने उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के साथ विचारों का सार्थक आदान-प्रदान किया। यह बातचीत युवाओं की भागीदारी, आध्यात्मिक उत्थान और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की रणनीतियों पर केंद्रित थी, जो DJJS-SAM और उत्तराखंड राज्य दोनों के लिए प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। यह संवाद युवाओं को सशक्त बनाने और व्यापक राष्ट्रीय व राज्य विकास लक्ष्यों में योगदान देने में सैम (SAM) के कार्यों की बढ़ती मान्यता को दर्शाता है।
44वें IITF में SAM workshops की उपस्थिति सिर्फ एक कार्यक्रम मात्र नहीं थी; बल्कि यह एक उदाहरण था कि कैसे संस्कृति, आध्यात्मिकता और कला का प्रभावी ढंग से उपयोग करके युवाओं की आंतरिक क्षमता को प्रज्वलित किया जा सकता है, जिससे वे एक विकसित राष्ट्र के लिए सकारात्मक बदलाव के संवाहक बन सकें।