राजस्थान, जयपुर शाखा द्वारा 27 अगस्त से 2 सितम्बर तक Housing Board Land, V.T.चौराहा, मध्यम मार्ग, मानसरोवर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया गया| भागवत भास्कर कथा व्यास साध्वी वैष्णवी भारती जी ने प्रभु की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वाचन किया| प्रभु श्री कृष्ण के जन्मोत्सव तथा विवाहोत्सव पर सुमधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को हर्षाया| साध्वी जी ने बताया कि आज हर इंसान अपने शरीर और बुद्धि को निखारने-सँवारने के लिए तो प्रयासरत है परन्तु मन की वास्तविक सुन्दरता से अंजान है| आज मानव के विचारों में निरंतर पतन इंसान और समाज को अंदर ही अन्दर खोखला कर रहा है| यही कारण है कि आज समाज आतंकवाद, हिंसा, वैमनस्य और कई घृणित अपराधों से जूझ रहा है| साध्वी जी ने इस विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया की प्रभु श्री कृष्ण ने कुब्जा की वक्रता और कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में अर्जुन के मन की कमजोरियों को ब्रहमज्ञान से दूर किया| आज भी समाज को फिर से इन समस्याओं से मुक्त करने के लिए गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी ब्रह्मज्ञान द्वारा श्रीमद्भगवतगीता में बताए उसी अव्यक्त अक्षर को प्रकट करते हैं| जिस आदि नाम के सुमिरन से जुड़कर यह मन अपनी विकृतियों को त्यागकर सुंदर बन जाता है| साथ ही उन्होंने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे समाजिक कार्यक्रमों की भी विस्तार पूर्ण चर्चा की| इस अवसर पर समाज के कई प्रबुद्ध लोग भी उपस्थित रहे| भारी संख्या में लोगों ने ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा ग्रहण की| इस कथा का कथा का प्रसारण 29 अगस्त से 4 सितम्बर तक प्रातः 10 से दोपहर 1 बजे तक आस्था चैनल पर किया गया| साथ ही 27 अगस्त से 2 सितम्बर तक पंजाब, बंसल Resort, बुदा गुजर रोड, मुक्तसर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया| जिसका वाचन साध्वी......... जी द्वारा किया गया|
