संस्थान की दिल्ली स्थित मुख्य शाखा द्वारा 15 अगस्त को स्वतन्त्रता दिवस मनाया गया। राष्ट्र के 70वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी ने हमेशा से अपने शिष्यों को आध्यात्मिक उत्थान के साथ साथ ‘वंदे मातरम्’ से प्रेरित देश भक्ति मूल्यों के लिए प्रेरित किया है। भगवाधारी सन्तों द्वारा जहां एक ओर ध्वजारोहण किया गया। वहीं राष्ट्रीय गान की मधुर धुनों ने सभी उपस्थित लोगों में भारत माता की आन व शान बनाए रखने के लिए राष्ट्रभक्ति का जज़्बा भरा। ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान प्रक्रिया द्वारा गुरुदेव ने सदैव भक्तों को व्यक्तिगत स्वार्थों को त्याग निस्वार्थ भाव को अपनाकर सम्पूर्ण विश्व, राष्ट्र हित व मानव जाति के लिए जीवन जीने को प्रेरित किया है। मन व आत्मा की स्वतन्त्रता ही सही मायनों में सच्ची स्वतन्त्रता है। अगर व्यक्ति भीतरी स्वतंत्रता को पा चुका है तो वह निश्चय ही बाहरी तौर पर भी मुक्ति का प्रयास करेगा और सफल भी होगा। देशभक्तों ने माँ भारती से बसंती चोला यानि बलिदान और शहादत का रंग माँगा। आज श्री आशुतोष महाराज जी भी हर एक में त्याग, मातृभूमि के प्रति गर्व व उच्च भारतीय आदर्शों व् मूल्यों की प्रतिष्ठा कर रहे हैं।
