अवसरों का द्वार बच्चे के लिए तभी खुलता है जब वह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से विकसित हो। शिक्षा बच्चों में सही मूल्य पैदा कर उन्हें सशक्त बनाने व उनके चरित्र निर्माण में सहयोग करने के लिए होनी चाहिए। इसलिए, उनके विकास के लिए अनिवार्य है कि उनके खाली समय का उपयोग उनकी ऊर्जा को सही दिशा में निर्देशित करने के लिए किया जाए। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की जोधपुर शाखा ने परम पूजनीय सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में बच्चों के लिए एक फिटनेस और कौशल विकास शीतकालीन शिविर का आयोजन किया। 25 दिसंबर 2018 से 3 जनवरी 2019 तक आयोजित 10-दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य न केवल शारीरिक फिटनेस बल्कि मानसिक फिटनेस के साथ-साथ उन्हें हमारी सांस्कृतिक से परिचित करवाना रहा। ये शिविर न केवल एक बच्चे की टीम भावना और संचार-कौशल को बेहतर बनाते हैं, बल्कि उनके तर्कसंगत कौशल को भी पोषण देते हैं।
यह शिविर, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रतिनिधि द्वारा एक परिचयात्मक व्याख्यान के साथ आरम्भ हुआ, इसके बाद दौड़, थ्रो बॉल, लॉन्ग जंप और अन्य खेल गतिविधियों द्वारा बच्चों की शारीरिक गतिविधियों का परीक्षण किया गया। बच्चे पुरे उत्साह के साथ इसमें शामिल हुए। साथ ही संस्कृत शिक्षण, संगीत सत्र, प्रश्नोत्तरी सत्र, वैदिक गणित, ध्यान सत्र आदि सत्रों में भी बच्चों ने बढ़- चढ़कर भाग लिया। बच्चों को वेद मंत्र, हवन अनुष्ठान आदि सिखाते हुए इनके महत्व से भी परिचित करवाया गया। संस्थान प्रचारकों द्वारा स्वयं को समग्र रूप से विकसित करने हेतु उच्च नैतिकता और चरित्र निर्माण करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रत्येक दिन नई गतिविधियों ने बच्चों को उत्साह व प्रसन्नता से भर दिया।
संस्थान प्रचारकों ने आध्यात्मिक सत्र द्वारा बच्चों को उनकी वास्तविक आत्म और क्षमता के बारे में जागरूक किया। हम जीवन में क्या बनते है, इस पर सबसे अधिक प्रभाव हमारे बचपन के अनुभवों का पड़ता है। इसलिए, यही उचित समय है जब ज्ञान के स्रोत से जुड़कर सुदृढ़ नींव का निर्माण किया जाना चाहिए। आध्यात्मिक सत्र में ब्रह्मज्ञान पर प्रकाश डालते हुए पूर्ण सतगुरु की महिमा से परिचित करवाया गया। उन्हें इस बारे में बताया गया कि हम वास्तव में भगवान को तीसरी आँख से कैसे देख सकते हैं। इसके अलावा, बच्चों को देशभक्तों के बारे में भी बताया गया। साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक करते हुए पानी और कागज बचाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर के अंत में बच्चों ने जीवन में अवसरों का लाभ लेने हेतु अपने विचारों को साँझा किया।

