क्या सच? क्या झूठ?

मिथ्या धारणा 1:

कम खाने से वज़न कम हो जाएगा!

अक्सरां मोटे लोगों की एक ही शिकायत होती है कि खाना कम खाने पर भी वज़न कम होने का नाम नहीं ले रहा। बल्कि पेट फूला- सा महसूस होता है। दरअसल, ये लोग रोटी खाना तो छोड़ देते हैं। पर उसके स्थान पर वैफर, बिस्कुट, नमकीन, मिठाई, चॉकलेट खाते रहते हैं या चाय-कॉफी पीते रहते हैं। फिर सोचते हैं कि मैंने खाया ही क्या है? हम भूल जाते हैं कि थोड़ी सी जैम, चॉकलेट या सॉस का सेवन इतनी कैलोरीज़ बढ़ा देता है, जितनी रोटी नहीं बढ़ाती। बल्कि रोटी में अधिक फाइबर होने से पेट भरा लगता है और हम ज़्यादा खाने से बच जाते हैं।


इसलिए केवल कम खाना ही नहीं बल्कि आप क किस तरह के खाने को कम कर रहे हैं, यह निर्धारित करता है कि आपका वज़न घटेगा या बढ़ेगा। जैसे वसायुक्त भोजन सबसे अधिक कैलोरीज़ वाला होता है।

एक ग्राम वसा में 9 कैलोरी, तो एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन में मात्र 4 कैलोरी होती हैं। इसलिए वसायुक्त भोजन सबसे अधिक वज़न बढ़ाता है।

हाई ग्लाइसिमिक इंडेक्स युक्त भोजन भी शरीर में जाकर तेज़ी से ग्लूकोज़ में बदलता है।ग्लूकोज़ युक्त भोजन यानी शरीर में वसा की वृद्धि। इस तरह के भोजन में आते हैं- नूडल्स, पिज़्ज़ा, बिस्कुट, ब्रेड, मैदे से बनी सभी वस्तुएँ आदि। अतः इनका सेवन अधिक वज़न बढ़ाता है।

इसलिए अबकि बार वज़न कम करने की सोचें, तो आवश्यकतानुसार खाएँ। परन्तु कम कैलोरी और कम ग्लाइसिमिक इंडेक्स युक्त तथा अधिक फाइबर वाले सेहतमंद भोजन का चयन करें।

मिथ्या धारणा 2:

जैतून ( ऑलिव) तेल जितना चाहे इस्तेमाल करें!

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मिथ्या धारणा 3:

प्रोटीन पाने के लिए माँस खाना अनिवार्य है!

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मिथ्या धारणा 4:

मजबूत दाँत सफेद होते हैं!

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मिथ्या धारणा 5:

कम तापमान यानी जुकाम को आमंत्रण!

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मिथ्या धारणा 6:

दोपहर के खाने के बाद सोना स्वास्थ्यवर्धक है!

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मिथ्या धारणा 7:

वज़न कम करना है, तो ड्राई फ्रूट्स का सेवन न करें!

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क्या सच? क्या झूठ? जानने के लिए पढ़िए मार्च'19 माह की हिन्दी अखण्ड ज्ञान मासिक पत्रिका।

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