भारत फिर से जगद्गुरू कहलाएगा

‘यदि भारत को पुनर्जीवित करना है, तो अध्यात्म के विराट प्रकाश पुँज की ओर लौटना होगा; ब्रह्मज्ञान द्वारा ब्रह्म की प्रत्यक्ष अनुभूति करनी होगी, जीवन के मूल स्रोतों एवं शक्तियों को अपने ही भीतर जानना होगा।’ प्रत्येक व्यक्ति के भीतर ब्रह्म तत्व की जाग्रति ही सम्पूर्ण भारत का रूपांतरण व दिव्यीकरण कर सकेगी। इसलिए ‘दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान’ ब्रह्मज्ञान के प्रचार द्वारा महर्षि अरविंद जी के उस स्वप्न को साकार करने के लिए कृतसंकल्प है कि “भारत एक दिन फिर जगत-गुरू कहलाएगा।”

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Kick Out Your Pain by Meditation

A wise philosopher-thinker said, “Pain is inevitable but suffering is optional,” suggesting that in spite of the presence of physical pain, one can overcome its impact and reduce the suffering one might go through in life. In metaphysical terms, that's called “mind over matter&…

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Brahm Gyan- The Ultimate Tool to Enhance Psycho-Immunity

This was the procedure/technique that transformed the ferocious criminal like Angulimaal (in the times of Lord Buddha) into a peaceful and non-violent human being. Therefore, Brahm Gyan based meditation is the essential procedure, the only divine asset through which psycho-immunity can be augmented. It transforms the mind of an individual into a beautiful and healthy entity, the one that is given to positive tendencies. There is no other alternative.

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भारत का उपहार

आज घोर कलिकाल में भी भारत अपने इस दायित्व से पीछे नहीं हटा है। श्री गुरु आशुतोष महाराज जी भारत की उसी परम्परा का वहन कर रहे हैं। उनके पावन सान्निध्य में पहुँचकर विश्व के लाखों जिज्ञासुओं ने ‘ब्रह्मज्ञान’- भारत का शाश्वत उपहार पाया है। ईश्वर का प्रत्यक्ष दर्शन और अंतर्जगत की अनुपम अनुभूतियाँ प्राप्त की हैं। यह उपहार आपके लिए, सबके लिए है। जिज्ञासु बनकर हाथ बढ़ाइए और ले लीजिए, यह भारत का उपहार!

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5 O' Clock = 4:59:60

Once a student called Einstein over the phone and asked, “Sir, I need your guidance in one of my subjects. When can I come and meet you?” Einstein: Tomorrow evening at 5:00. Student: Thank you Sir! Einstein: But do you know, what is the meaning of 5:00 pm? Student: Yes Sir! 4 O&#…

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सृजन और प्रलय का आधार – जागृत चेतना!

सन् 1945 की एक शाम- शानदार दावत का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित थे, विश्व के प्रसिद्ध (भौतिक वैज्ञानिक और मैनहैटन प्रोजेक्ट (Manhattan Project) के प्रमुख रोबर्ट ओपनहिमर (Robert Oppenheimer) जानते हैं, यह विशाल दावत किस …

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An Ultimate Remedy to Stress

Calculate your score for the following questionnaire: l               Feel tired or fatigued even after taking adequate sleep? l               Experience fr…

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Yathavat Magazine publishes an insightful article on samadhi of Shri Ashutosh Maharaj

 

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