आज के तेजी से बदलते समय में युवा वर्ग विभिन्न प्रकार के आकर्षणों, साथियों के दबाव और बढ़ती नशे की समस्या से प्रभावित हो रहा है। ऐसे दौर में उन्हें सही दिशा और सकारात्मक सोच से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डीजेजेएस बोध ने युवा परिवार सेवा समिति (वाईपीएसएस) के सहयोग से संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत प्रभावशाली “द रियल हीरोज” पहल का संचालन किया।

जनवरी से मार्च 2026 तक चले इस अभियान ने राष्ट्रीय युवा दिवस, महाशिवरात्रि एवं शहीदी दिवस जैसे तीन महत्वपूर्ण अवसरों को “सच्ची वीरता” की थीम से जोड़ते हुए समाज को एक प्रेरणादायक संदेश दिया। इस अभियान के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया — “सच्चा हीरो वही है, जो अपनी ऊर्जा को स्वयं, समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में लगाए।
देशभर में इस अभियान का प्रभावशाली संचालन किया गया। 13 राज्यों की 44 शाखाओं की सक्रिय सहभागिता से 79 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 76,225 से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुँचा। इस पहल के अंतर्गत 44 शाखाओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम किये गए -

- हरियाणा: फरीदाबाद, पानीपत, जगाधरी, नारायणगढ़, रेवाड़ी, सिरसा
- मध्य प्रदेश: ग्वालियर, भोपाल, नस्रुल्लागंज
- दिल्ली: रोहिणी सेक्टर-15, पीतमपुरा, द्वारका, पटेल नगर
- राजस्थान: जयपुर, बीकानेर, जोधपुर
- उत्तराखंड: पिथौरागढ़
- बिहार: पटना, सहरसा, दरभंगा, सिवान, बोधगया
- पंजाब: कपूरथला, अमृतसर, जालंधर, मोगा, अबोहर, फिरोज़पुर
- उत्तर प्रदेश: गोरखपुर, मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, गाज़ियाबाद, वाराणसी, बरेली
- महाराष्ट्र: अमरावती, नागपुर, चाकण, पाथर्डी
- असम: डिब्रूगढ़
- जम्मू-कश्मीर: जम्मू
- तेलंगाना: हैदराबाद
- झारखंड: रांची
इस अभियान का एक प्रमुख आकर्षण महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित विशेष संगीतमय कार्यक्रम रहा, जिसे “SANKALP – A Campaign Against All Addiction (2025–2029)” के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था — “क्या भगवान शिव भांग का नशा करते थे?” इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से भगवान शिव से जुड़े नशे संबंधी भ्रमों को दूर करने का प्रयास किया गया। संगीत और प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से भगवान शिव को नशे के प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि आत्म-संयम, जागरूकता और उच्च चेतना के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि वास्तविक शक्ति नशीले पदार्थों के सेवन में या उनकी लत में पद जाने से नहीं आती बल्कि आत्मबल और आत्म-अनुशासन से आती है। युवाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना स्पष्ट सोच और संतुलित निर्णयों के साथ करने की प्रेरणा दी गई। इस संदेश ने उन्हें प्रलोभनों से ऊपर उठकर उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
वहीं शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों ने युवाओं में देशभक्ति और बलिदान की भावना को मजबूत किया। प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं को बताया गया कि सच्चे हीरो वे हैं, जो साहस, मूल्यों और समाजहित के लिए खड़े रहते हैं। उन्हें शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए नशामुक्त एवं सकारात्मक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अभियान की सबसे विशेष बात यह रही कि इसने समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ प्रभावी जुड़ाव स्थापित किया। बच्चों ने इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से सहभागिता की, युवाओं ने सही निर्णय लेने का आत्मविश्वास प्राप्त किया, अभिभावकों में जागरूकता बढ़ी तथा आम जनमानस सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक माध्यमों से इस संदेश से जुड़ा।
“द रियल हीरोज” पहल केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक सकारात्मक सामाजिक आंदोलन के रूप में उभरी। डीजेजेएस बोध ने वाईपीएसएस के सहयोग से रोल-प्ले, स्वामी विवेकानंद से प्रेरित लाइव पॉडकास्ट, “Power of Saying NO” आधारित गतिविधियाँ, मोटिवेशनल सत्र एवं संकल्प शपथ जैसे प्रभावशाली माध्यमों द्वारा प्रतिभागियों को केवल संदेश सुनने ही नहीं, बल्कि उसे अपने जीवन में अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
