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परमात्मा के साथ दिव्य संबंध को और प्रगाढ़ एवं उनमें श्रद्धा-भाव को दृढ करने हेतु ‘दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान’ की नेहरू प्लेस शाखा द्वारा रविवार, 17 नवंबर 2024 को एनसीयूआई सभागार व सम्मेलन केंद्र, हौज़ खास, नई दिल्ली में ‘दिव्य भजन संध्या’ नामक एक भावपूर्ण भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह भव्य आयोजन के प्रेरणास्रोत दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) थे, जिनके तत्त्वाधान में यह सफल आयोजन किया गया। आध्यात्मिक चिंतन, भजन व प्रवचनोंका लाभ उठाने हेतु श्रोतागण विभिन्न वर्गों से कार्यक्रम के निमित्त एकत्रित हुए। 

Devotional Concert- Divya Bhajan Sandhya organized by DJJS at Hauz Khas, New Delhi, awakened the divine essence and spiritual harmony among devotees

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन की सांस्कृतिक परंपरा के साथ हुआ, जो वातावरण को दिव्य और मंगलकारी बनाने में सहायक सिद्ध होती है। उपस्थित श्रोताओं में आत्म-जागृति का भाव जगाने हेतु मंचासीन डीजेजेएस के प्रचारकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा भावपूर्ण भजनों की एक सुंदर शृंखला प्रस्तुत की गई। जिनकी अध्यात्मिक विवेचना साध्वी परमा भारती जी ने बड़े रोचक ढंग से की| कार्यक्रम में ऐसे अनेक भावपूर्ण भजनों का गायन किया गया, जिन्होंने उपस्थित सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर आत्मिक-शांति प्रदान की। लयबद्ध, सुरीले व हृदयस्पर्शी भजनों ने वातावरण में दिव्यता का संचार तो किया ही साथ ही उपस्थित श्रोताओं के हृदयों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया।

साध्वी परमा भारती जी ने अपने प्रवचनों में आध्यात्मिक पथ पर भक्ति व विनम्रता के महत्व को समझाया। उन्होंने भजनों में निहित गूढ़ तथ्यों को उजागर करते हुए श्रोताओं को ईश्वर के साथ शाश्वत संबंध स्थापित करने हेतु गुरु की दिव्य शरण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। मानव जीवन के परम उद्देश्य, ईश्वर व पूर्ण सतगुरु की शरणागति के महत्त्व जैसे गूढ़ विषयों को भी उन्होंने बड़ी ही सरलता व विस्तार से समझाया। 

Devotional Concert- Divya Bhajan Sandhya organized by DJJS at Hauz Khas, New Delhi, awakened the divine essence and spiritual harmony among devotees

साध्वी जी ने इस तथ्य पर विशेष ज़ोर दिया कि परम शांति व ज्ञान प्राप्त करने हेतु महत्वपूर्ण है एक ऐसे सतगुरु का मार्गदर्शन प्राप्त करना जो केवल एक शिक्षक नहीं अपितु दिव्य मार्गदर्शक भी हो, जो व्यक्ति को परमात्मा व शाश्वत सत्य के विषय में न केवल बताएं बल्कि उनसे जुड़ने में सहायता प्रदान करे। ‘ब्रह्मज्ञान’ द्वारा परमात्मा का अनुभव कर एक व्यक्ति निश्चल अभ्यास व पूर्ण गुरु के प्रति समर्पण द्वारा सांसारिक मोह-माया से ऊपर भी उठ सकता है। 

भजन संध्या कार्यक्रम का समापन प्रभु की पावन ‘आरती’ से हुआ। आरती के सामूहिक गान ने उपस्थित श्रोताओं की आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने का कार्य किया। 

यह कार्यक्रम डीजेजेएस के सामाजिक प्रकल्प ‘मंथन’ (अभावग्रस्त वर्ग के लिए सम्पूर्ण विकास कार्यक्रम) को समर्पित रहा, जिसकामुख्य उद्देश्य समाज के अभावग्रस्त बच्चों की मौलिक नींव को सुदृढ़ व नीतिपूर्ण व्यवहार को उत्कृष्ट कर उनका शैक्षणिक, शारीरिक, मानसिक, मौलिक व आध्यात्मिक स्तर पर पोषण करना है।

कार्यक्रम में आध्यात्मिक जिज्ञासुओं, स्थानीय समुदाय के सदस्यों व विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया। इस हृदयस्पर्शी व आनंद प्रदायक अध्यात्मिक कार्यक्रम को सभी ने बहुत सराहा।

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