जीवन के प्रारंभिक वर्षों में ही शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवहार और व्यक्तित्व आदि की नींव रखी जाती है। स्कूल की छुट्टियों का समय ऐसा उचित अवसर है जब बच्चों को विभिन्न गतिविधियों द्वारा स्व से जोड़ना सम्भव व सरल है।

DJJS ने जोधपुर, राजस्थान में 03 जून से 07 जून, 2019 तक बच्चों के लिए 5 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया। इस विशेष शिविर में बच्चों ने मनोरंजक ढ़ंग से महत्वपूर्ण ज्ञान को प्राप्त किया। कुछ समय के लिए बच्चों को गैजेट और इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करते हुए प्रकृति और वातावरण से सीखने और दृढ़ सम्बन्ध बनाने का प्रभावशाली प्रयास किया गया।
संस्थान प्रचारकों में बच्चों को जीवन के श्रेष्ठ गुणों जैसे एकता, अखंडता, टीम वर्क, कड़ी मेहनत और सहयोग आदि के प्रति प्रोत्साहित करते हुए साथ ही स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर हेतु योग, व्यायाम आदि की महत्ता पर भी प्रकाश डाला गया। गतिविधियों को इस रूप से रेखांकित किया गया था कि बच्चे सरलता से अपने भीतर जोड़ने के लिए प्रोत्साहित हो जाएँ। जीवन में समय प्रबंधन के महत्व पर बताते हुए साध्वी जी ने कहा कि चूंकि समय सभी के लिए सीमित है, इसलिए इसे बुद्धिमानी से उपयोग किया जाना चाहिए। बच्चों को अपने जीवन में अनुशासन विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया जो भ्रमित व विचलित दिमाग को दिशा देता है।

साध्वी जी ने आगे बताया कि जीवन का पहला उद्देश्य दिव्य चेतना से जुड़ना है ताकि समाज कल्याण में हम अपनी भूमिका को सटीक रूप से समझ सके। ब्रह्मज्ञान द्वारा इस प्रक्रिया को प्राप्त किया जा सकता है। ब्रह्मज्ञान प्राप्ति हेतु हमें एक प्रबुद्ध गुरु से मार्गदर्शन लेने की आवश्यकता है। एक दिव्य गुरु हमारा तृतीय नेत्र को खोल सकते हैं और हमें मानव जीवन के उद्देश्य से परिचित करवा सकते हैं। जब एक व्यक्ति आंतरिक स्तर पर जुड़ जाता है तब वह न केवल स्वयं के जीवन को महत्व देता है, बल्कि दूसरों को भी सम्मान देता है।
इस शिविर में बच्चों ने नेतृत्व गुण, अन्य बच्चों के साथ सामाजिकता और अनुशासन आदि विभिन्न महत्वपूर्ण व मूल्यवान जीवन कौशल सीखे।