मंथन-सम्पूर्ण विकास केन्द्र इस विश्वास पर आधारित है कि वास्तविक शिक्षा सम्पूर्ण मानवता का निर्माण करती है, जिससे सोचने की क्षमता निखरती है और नैतिक मूल्यों की मजबूती आती है। दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के आध्यात्मिक दृष्टिकोण से प्रेरित यह प्रयास बच्चों के भीतर विवेक, नैतिक जीवनशैली और आत्म-चिंतन को जागृत करने का उद्देश्य रखता है। समग्र अभ्यास, उद्देश्य-प्रेरित ढांचों और व्यावहारिक सहभागिता को मिलाकर बच्चों को जागरूक, संतुलित और सामाजिक रूप से संवेदनशील योगदानकर्ता बनने के लिए मार्गदर्शन किया जाता है।

प्रत्येक माह मंथन SVK शैक्षिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत विकास से जुड़े प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जो समग्र विकास के लिए मन, हृदय और आत्मा का पोषण करता हैं। दिसंबर 2025 में, मंथन द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इन सार्थक सत्रों का आयोजन किया गया, जिससे 2190 से अधिक बच्चें लाभान्वित हुए। आयोजित कार्यशालाओं की सूची इस प्रकार रही -
मंथन SVK द्वारा आयोजित संस्कारशाला सत्र इस वर्ष "धर्म के दस गुणों" विषय के अंतर्गत धर्म के नौवें गुण सत्य संस्कारशाला पर गहन चर्चा की गई। इन सत्रों के माध्यम से बच्चों को दैनिक जीवन में सत्यनिष्ठा को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में आत्मसात करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विभिन्न क्रियात्मक कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों ने यह समझा कि सत्य एवं ईमानदारी किस प्रकार चरित्र का निर्माण करती है और समुदाय में विश्वास को बढ़ावा देती है।

अलंकृत श्रृंखला “तुलसी के ABC” विषय पर आधारित थी। इन सत्रों में बच्चों को तुलसी के पवित्र पौधे की सांस्कृतिक महत्ता, आध्यात्मिक प्रतीकात्मकता और दैनिक जीवन में इसके महत्व से परिचित कराया गया। इस सत्र में तुलसी के औषधीय लाभों, सम्पूर्ण स्वास्थ्य में इसकी भूमिका और भारतीय परंपराओं में इसके स्थान पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। संरचित व्याख्या के माध्यम से बच्चों को तुलसी को न केवल एक पौधे के रूप में, बल्कि स्वास्थ्य, श्रद्धा और सचेत जीवन का प्रतीक के रूप में समझाया गया।
स्पेशलाइज्ड यूनिट ऑफ प्रोडक्टिव वर्क (SUPW) में मंथन ने STEM परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया, जो जिज्ञासा, नवाचार और व्यावहारिक शिक्षण को प्रोत्साहित करती हैं। इन परियोजनाओं ने वैज्ञानिक सोच को व्यावहारिक अनुप्रयोग के साथ एकीकृत किया गया, जिससे बच्चों को डिज़ाइन करने, प्रयोग करने और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने का अवसर मिला। इस अनुभव ने रचनात्मकता, टीम वर्क और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा दिया, साथ ही वैचारिक समझ को मजबूत किया।
भारत गौरव गाथा - आओ करें भारत की सैर कार्यक्रम के तहत DJJS शाखा दिव्य धाम आश्रम की यात्रा ने बच्चों को आश्रम के वातावरण का एक सरल और समृद्ध अनुभव दिया। उन्होंने दैनिक दिनचर्या, अनुशासन, सेवा और शांतिपूर्ण जीवन के मूल्यों के बारे में सीखा। इस यात्रा ने उन्हें भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को एक स्पष्ट और सजीव तरीके से समझने का अवसर दिया।
मंथन SVK ने अपने शिक्षकों के लिए एक AI एकीकरण कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें शिक्षा और शिक्षण प्रक्रियाओं में जैमिनी के उन्नत अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस सत्र में डिजिटल शिक्षा में तकनीकी उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ AI के सही उपयोग पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया और शिक्षा की मानवीय और मूल्य-आधारित संरचना को बनाए रखते हुए प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
मंथन SVK केंद्र, गोपाल नगर, लुधियाना में बच्चों के लिए सत्संग आयोजित किया गया, जिससे शांति, आत्मचिंतन और मूल्य-आधारित शिक्षा का वातावरण बना। इसके बाद बच्चों को स्वेटर वितरण किया गया।
बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं और समग्र स्वास्थ्य के लिए आयरन मेडिसिन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के माध्यम से बच्चों को आयरन सप्लीमेंट्स उपलब्ध कराए गए, जिससे विकास, प्रतिरक्षा और सीखने की क्षमता में सुधार हुआ। यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार और रोग निवारण की दिशा में निरंतर प्रयासों को प्रदर्शित करती है।
मंथन SVK के कला और शिल्प सत्रों ने बच्चों को कल्पना, अभिव्यक्ति और मोटर कौशल के विकास के लिए एक रचनात्मक मंच प्रदान किया। कार्यशालाओं के दौरान बच्चों ने ध्यान और सौंदर्य बोध में वृद्धि की। इन सत्रों ने मौलिकता को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सीखने में आत्मविश्वास और आनंद का संचार किया।
मुख्यालय द्वारा मंथन SVK केंद्रों के दौरे से बच्चों और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। इससे कार्यान्वयन के स्तर पर मार्गदर्शन देने, समन्वय को सुदृढ़ करने और गुणवत्ता पर आधारित समर्थन को पुनः पुष्टि करने का अवसर मिला।
