डीजेजेएस संतुलन ने वैश्विक स्तर पर महिलाओं की स्थिति उन्नयन के क्षेत्र में अग्रणी संगठनों में अपनी पहचान स्थापित की है। इसी सतत प्रयास के तहत, संगठन ने शनिवार, 14 जून 2025 को मैक्स हेल्थकेयर, साकेत के वेस्ट ब्लॉक, ऑडिटोरियम बेसमेंट-1 में आयोजित विश्व रक्तदाता दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज करवाई।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन की पावन विधि के साथ हुई, जिसने पूरे आयोजन में श्रद्धा और दिव्यता का वातावरण स्थापित किया।
कार्यक्रम की शोभा तब और बढ़ गई जब डीजेजेएस संतुलन की ग्लोबल हेड साध्वी दीपिका भारती जी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका और मनोवृत्तियों को संवारने में उनके योगदान पर बेहद सारगर्भित और प्रेरणादायी विचार साझा किए। अपनी व्याख्या में उन्होंने उदाहरणों और अनुभवों के माध्यम से यह बताया कि आधुनिक समय में निःस्वार्थ भाव क्यों अनिवार्य है। उन्होंने माताओं को संस्कृति की वाहक बताते हुए कहा कि वही आने वाली पीढ़ियों में उदारता, करुणा और सहानुभूति के संस्कार बोती हैं। उनके ये विचार श्रोताओं के मन में गहरी छाप छोड़ गए।

इस अवसर पर डीजेजेएस नेहरू प्लेस शाखा की मैनेजिंग हेड साध्वी श्रीपदा भारती जी भी उपस्थित रहीं, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। कार्यक्रम में डीजेजेएस संतुलन के समर्पित स्वयंसेवकों द्वारा एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें प्राचीन शास्त्रों के उद्धरणों के माध्यम से उदारता के संदेश और आसक्ति पर विजय पाने की सीख को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
आयोजन को प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली अन्य महत्वपूर्ण उपस्थिति रही डॉ. संगीता पाठक जी, डायरेक्टर – ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज, मैक्स हेल्थकेयर। रक्तदान जैसे जीवनरक्षक अभियान को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व की सराहना कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से की गई।
समारोह के अंतिम चरण में मैक्स हेल्थकेयर के एवीपी एवं हेड ऑफ मेडिकल सर्विसेज डॉ. प्रणव शंकर, तथा एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट और ज़ोनल हेड डॉ. गुरप्रीत सिंह ने साध्वी दीपिका भारती जी को सम्मान स्वरूप भगवान कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। यह प्रस्तुति उनके मार्गदर्शन और प्रेरणादायी संदेश के प्रति आभार के रूप में दिया गया।
मैक्स हेल्थकेयर, साकेत और डीजेजेएस संतुलन के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट कार्यक्रम पूरे आयोजन के दौरान एक सशक्त संदेश देता रहा—कि समाज में सच्ची निःस्वार्थता और परोपकार की भावना को जागृत करना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम ने सभी को करुणा, सेवा और उदारता को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
