“एक सहायता से भरा हाथ किसी के लिए उपचार की शुरुआत हो सकती है।”

इसी भावना से प्रेरित होकर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (DJJS) – बोध, युवा परिवार सेवा समिति (YPSS) के सहयोग से, वर्ष 2025 के कुछ विशेष महीनों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में काउंसलिंग एवं उपचार आधारित जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 180 लाभार्थियों को काउंसलिंग, चिकित्सीय सेवा और अन्य गतिविधियों के द्वारा सकारात्मक रूप से प्रभावित किया गया।
DJJS बोध नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेक्टर में क्यों कार्य कर रहा है

भारत में अनेक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में डिटॉक्सिफिकेशन (नशा छुड़ाने की प्रारंभिक प्रक्रिया) की सुविधाएं उपलब्ध हैं, परंतु डिटॉक्स के बाद निरंतर काउंसलिंग और पोस्ट-रिहैब सपोर्ट की गंभीर कमी देखी जाती है।
जब व्यक्ति उपचार पूरा कर घर या समाज की मुख्यधारा में लौटता है, तब अधिकतर पुनर्वास केंद्र लंबे समय तक फॉलो-अप और समुदाय स्तर पर सहयोग देने में सक्षम नहीं हो पाते। यही समय व्यक्ति के लिए सबसे संवेदनशील होता है। अध्ययनों और आंकड़ों के अनुसार, उचित मार्गदर्शन और नियमित फॉलो-अप के अभाव में व्यक्ति के दोबारा नशे की ओर लौटने का खतरा बढ़ जाता है। इसके मुख्य कारण भावनात्मक अस्थिरता, सामाजिक दबाव, अकेलापन और पुराने वातावरण में वापसी होते हैं।
इस कमी को पूरा करने के लिए DJJS अपने देश भर में फैले केंद्रों के माध्यम से नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों तक अपना सहयोग बढ़ा रहा है, जहाँ घर-घर तक पहुँच के साथ निरंतर काउंसलिंग, आफ्टर-केयर सपोर्ट और मूल्य आधारित जुड़ाव के जरिए स्थायी रिकवरी सुनिश्चित की जा रही है।
DJJS बोध की विशेषता: काउंसलिंग, आफ्टर-केयर और रिलैप्स प्रिवेंशन
30 वर्षों से अधिक के काउंसलिंग एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के अनुभव के साथ DJJS बोध ने रिलैप्स प्रिवेंशन का एक प्रभावी मॉडल विकसित किया है। इसका उद्देश्य केवल नशा छुड़ाना नहीं, बल्कि नशे से दूर बने रहना है। इसके अंतर्गत:
- नियमित भावनात्मक एवं मूल्य आधारित काउंसलिंग
- छोटी-छोटी सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से निरंतर जुड़ाव
- अकेलेपन और पुराने नशेड़ी समूहों में वापसी से रोकथाम
- आध्यात्मिक दृष्टिकोण से आंतरिक मजबूती और जीवन उद्देश्य का विकास
यह दीर्घकालिक सहयोग मेडिकल डिटॉक्स प्रक्रिया को मजबूत बनाता है और दोबारा नशे की संभावना को कम करता है।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
ग्वालियर – शिव शक्ति नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र:
यहाँ अनेकों गेम, प्रदर्शन और गतिविधि के माध्यम से एकाग्रता, संतुलन और आत्मबल को समझाया गया। परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी की शिक्षाओं से प्रेरित विचारों ने आत्मचिंतन को प्रोत्साहित किया।
ग्वालियर – स्वर्ग सेवा सदन आश्रम:
मानसिक रूप से असमर्थ और परित्यक्त लोगों के लिए प्रेरक भजन, “वाइसस बनाम वर्च्यूज़” गतिविधि और व्यक्तिगत संवाद के माध्यम से खुशी, सम्मान और भावनात्मक संबल प्रदान किया गया।
नोएडा (सेक्टर 104):
तपस्या फाउंडेशन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणाम और रिलैप्स की सच्चाई को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। अन्य केंद्र में प्रेरणादायक संवाद, स्किट्स और काउंसलिंग से प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और आशा का संचार हुआ।
संकल्प मिशन को सशक्त बनाते हुए
संकल्प – नशामुक्त भारत अभियान (2025–2029) के अंतर्गत आयोजित ये कार्यक्रम नशा मुक्ति और सामाजिक उपेक्षा से जूझ रहे व्यक्तियों को दीर्घकालिक सहयोग और स्थायी पुनर्वास प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। हर सत्र नशामुक्त, मानसिक रूप से सशक्त और जागरूक भारत की ओर एक सशक्त प्रयास है।
