नई दिल्ली के दक्षिण पूर्व क्षेत्र में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के कड़कड़डूमा सेंटर की बोध टीम द्वारा अब तक 40 पार्कों को नशे के मुद्दे पर नाटको के प्रदर्शन के साथ जागृत किया जा चुका है | यह अभियान मार्च 2016 में शुरू हुआ और इन पार्कों के आगंतुकों और दर्शकों के बीच "जीवन को चुने नशे का चयन करें" के संदेश को उजागर करने में सफलतापूर्वक चल रहा है।
अब तक 67,000 से अधिक लोगों को नशे के खिलाफ जागृत किया जा चुका है |
इस शृंखला मे प्रत्येक रविवार एक नया पार्क तैयार चुना जाता है और विभिन्न विचारों और गतिविधियों के द्वारा लोगों को नशे के दुरुपयोग के मुद्दे पर एक विस्तृत और गहराई के साथ समझा जाता है । क्यूंकी यह समाज मे निषिद्ध विषय माना जाता है इसलिए आम तौर पर घरों और समाज में पूरी तरह से चर्चा नहीं किया जाता है जिसके नतीजतन नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मामलों में तीव्रता से योगदान देता है। इसलिए विशेषता व संवेदनशीलता का प्रयोग करते हुए बोध की स्वयंसेवी टीम अनेकों तरीकों का आविष्कार करती है जिनके माध्यम से नशे से जुड़ी गहरी और जटिल अवधारणाओ को विस्तार से बातचीत व नाटको आदि के द्वारा समझाया जाता है ।
इस शृंखला के द्वारा हजारो लोगो तक “ नशे को न कहे” संदेश पहुचाने के साथ साथ अनेकों प्रकार के तरीको से जैसे की बातचीत, पंफ्लेट, नाटको आदि से नशे के खिलाफ लेकर समझ को मजबूत किया जाता है | साथ ही अनेकों लोग नशे के खिलाफ अपनी सहमति दर्ज करवाते हुए बोर्ड पर हस्ताक्षर करते है |
बोध की यह विशेष शृंखला इस और भी संकेत देती है की पार्क आदि क्षेत्रो का भी लोगो को जागृति करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है | इसलिए हर क्षेत्र के हर कोने मेन नशे के प्रति जागृति फैलाना इस कैम्पेन का लक्ष्य है |

