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दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता प्रकल्प, संतुलन, के लिए स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है। दिव्य गुरु श्री अशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में स्वतंत्रता का वास्तविक स्वरूप आंतरिक शक्ति का जागरण, गरिमा की पुनः प्राप्ति और समाज में संतुलन की पुनर्स्थापना है, विशेषकर उन बेटियों के लिए जिनके योगदान को पीढ़ियों से उपेक्षित किया गया है। इसी भाव के साथ अगस्त 2025 का महीना संतुलन के लिए भारत की वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके अप्रतिम बलिदानों के प्रति जनचेतना को पुनः जगाने का एक जीवंत अवसर बन गया।

Independence Day Special Annual Campaign by DJJS Santulan: Lets Recall Their Sacrifices (2025)

भारत के स्वतंत्रता संग्राम की भूली बिसरी वीरांगनाओं को प्रकाश में लाने की अपनी दीर्घकालीन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संतुलन ने अगस्त 2025 को अपनी विशिष्ट थीम ‘Let’s recall their sacrifices-आओ उनके बलिदानों को याद करें’ के साथ मनाया। इस पहल के माध्यम से स्वयंसेवकों ने रानी लक्ष्मीबाई जैसी अद्वितीय वीरांगनाओं को हृदयपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका साहस आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। इस संदर्भ में रानी लक्ष्मीबाई के जीवन, पराक्रम और त्याग पर आधारित एक प्रभावशाली जीवनी प्रस्तुति भी की गई जिसने दर्शकों के मन में देशभक्ति की भावना को जागृत किया और भारत की वीर महिलाएँ किन अदम्य साहस की धनी थीं इसका स्मरण कराया। दिव्य गुरु श्री अशुतोष महाराज जी की साध्वी शिष्याओं के माध्यम से साझा संदेश ने यह भाव सुंदर रूप से पुनर्स्थापित किया कि भारत की स्वतंत्रता उसकी निर्भीक महिला स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से पृथक नहीं की जा सकती।

इस थीम के अनुरूप अगस्त माह में संतुलन द्वारा देश भर में अनेक संवेदनशीलता और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रेरणादायक वार्ताएँ और संवाद सत्र संचालित किए गए जिनमें उन स्त्री क्रांतिकारियों के जीवन, साहस और योगदान को उजागर किया गया जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी। नृत्य नाटिकाओं और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से ऐतिहासिक वीरांगनाओं की अमर भावना, बलिदान और नेतृत्व क्षमता को दर्शाया गया। जागृति आधारित नाट्य चित्रणों ने महिला नेतृत्व की दृढ़ता और साहस को प्रस्तुत करते हुए आज की बालिकाओं को अपनी क्षमता को पुनर्परिभाषित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही रूढ़ियों को तोड़ने और प्राचीन लैंगिक मान्यताओं को चुनौती देने हेतु संवादात्मक गतिविधियाँ और चिंतनपूर्ण चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।

Independence Day Special Annual Campaign by DJJS Santulan: Lets Recall Their Sacrifices (2025)

संतुलन ने अपने इस अभियान के माध्यम से समाज को लैंगिक समानता की दिशा में जागृत करने, लोगों को रूढ़िगत धारणाओं को चुनौती देने, भेदभावपूर्ण मानसिकताओं को त्यागने और एक ऐसे भारत की कल्पना अपनाने के लिए प्रेरित किया जहाँ स्त्रियाँ सम्मानित, सशक्त और अदृश्य बंधनों से मुक्त होकर जीवन जी सकें। रचनात्मक अभिव्यक्तियों, सामाजिक संपर्क और विचारोत्तेजक प्रस्तुतियों के माध्यम से संतुलन ने यह रेखांकित किया कि जब राष्ट्र अपनी स्वतंत्रता का उत्सव मनाता है, तो उसे उन स्त्रियों को भी स्मरण करना चाहिए जिन्होंने केवल देश के लिए ही नहीं, बल्कि उसकी आत्मा के लिए संघर्ष किया।

इस प्रकार अगस्त दो हजार पच्चीस का स्वतंत्रता दिवस केवल एक वार्षिक आयोजन भर नहीं रहा, बल्कि राष्ट्र पर उन अनसुनी महिला स्वतंत्रता सेनानियों के ऋण का स्मरण और समाज में स्त्रियों को उनके उचित स्थान पर पुनः प्रतिष्ठित करने का आह्वान बन गया।

अपने प्रत्येक अभियान, प्रत्येक संदेश और प्रत्येक जागरूकता प्रयास के साथ संतुलन एक सशक्त सत्य की ध्वनि उठाता है। कोई राष्ट्र तभी वास्तविक अर्थों में स्वतंत्र होता है जब उसकी स्त्रियाँ सशक्त, सम्मानित और अपनी असीम संभावनाओं से परिचित होकर जागृत खड़ी हों। यह पहल भारत की भूली हुई महिला क्रांतिकारियों को समर्पित हार्दिक श्रद्धांजलि है और आधुनिक समाज के लिए एक प्रेरक पुकार है। स्त्रियों को सशक्त बनाओ, उनके गौरवशाली योगदान का सम्मान करो और एक सच्चे स्वतंत्र भारत की ओर आगे बढ़ो।

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