दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ने आध्यात्मिक जागृति के माध्यम से विश्व शांति का संदेश देने हेतु रोहिणी सेक्टर 20, 21, नई दिल्ली में 17 नवंबर, 2019 को एक शांति मार्च (“कलश यात्रा”) का आयोजन किया गया। आध्यात्मिकता द्वारा दुनिया में शांति और सद्भाव के संदेश को प्रसारित के लिए डीजेजेएस द्वारा की गई दिव्य पहलों में से यह एक है। इसने दिव्य ज्ञान (ब्रह्मज्ञान) से समाज को परिचित करवाते हुए, जीवन में शांति और आध्यात्मिक विकास की प्रक्रिया हेतु सभी का आह्वान किया। सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में डीजेजेएस के कामधेनु प्रकल्प के सहायतार्थ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का वाचन 18 से 24 नवंबर, 2019 तक कथा व्यास साध्वी आस्था भारती जी द्वारा किया जाएगा।

मंगल कलश यात्रा में, हजारों शिष्यों ने कलश (गंगा से पवित्र जल से भरा मिट्टी का पात्र) अपने सिर पर रखा। पवित्र जल से भरा पात्र, ब्रह्मांड के निर्माण और जीवन के आरम्भ का रूपक है और कलश में रखे आम के पत्ते जीवन शक्ति और वनस्पति को दर्शाते हैं। यात्रा के दौरान दिव्य नारों की गूंज और लहराते भगवा पताकाओं ने विश्व शांति के दिव्य लक्ष्य से पुरे वातावरण को स्पंदित किया। सम्पूर्ण वातावरण दिव्यता से स्पंदित हो गया और सभी के भीतर दिव्य ऊर्जा व उत्साह का संचार बढ़ गया।
ब्रह्मज्ञान ही एकमात्र माध्यम है जिसके द्वारा हम निरर्थक सांसारिकता से मुक्त हो अपने परम गंतव्य तक पहुँच सकते हैं। यह केवल एक सच्चे आध्यात्मिक सतगुरु की कृपा से सम्भव हो सकता है, जो स्वयं आध्यात्मिक रूप से प्रबुद्ध हैं और आत्मिक स्तर पर व्यक्ति को जोड़ने का सामर्थ्य रखते हैं। मंगल कलश यात्रा द्वारा लोगों को श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने और ब्रह्मज्ञान के सर्वोच्च विज्ञान को जानने के लिए आमंत्रित किया गया, जो हमारे जीवन की सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान है।
