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Shri Krishna Katha in Kurukshetra, Haryana inspired devotees to awaken Inner vision through Brahm Gyan and conscious living

कुरुक्षेत्र, हरियाणा में आयोजित श्री कृष्ण कथा द्वारा भक्तों को ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर जागरूक जीवनशैली के माध्यम से अंतर्गत में उतरने के लिए प्रेरित किया

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा 16 से 22 फरवरी 2026 तक कुरुक्षेत्र, हरियाणा में आयोजित श्री कृष्ण कथा के माध्यम से सम्पूर्ण क्षेत्र को भक्ति एवं आध्यात्मिकता की मधुर तरंगों से आलोकित किया गया। दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के पावन मार्गदर्शन में, साध्वी कालिंदी भारती जी ने अपनी सरस वाणी से सात दिवसीय कथा का वाचन किया।

Shri Krishna Katha in Kurukshetra, Haryana inspired devotees to awaken Inner vision through Brahm Gyan and conscious living

प्रत्येक दिवस का शुभारंभ भक्तिमय भजनों और वैदिक मंत्रोच्चारण से हुआ, जिसने वातावरण को शांति और दिव्यता से भर दिया। साध्वी जी की सरल व प्रभावशाली शैली ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन, उनकी करुणा, ज्ञान और मोहक लीलाओं को जीवंत कर दिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के शाश्वत संदेशों को उजागर करते हुए समझाया कि श्री कृष्ण की शिक्षाएँ किसी युग या काल तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता को धर्मपरायण, संतुलित बनाने और सार्थक जीवन जीने का मार्ग दिखाती हैं।

साध्वी जी ने विशेष रूप से यह स्पष्ट किया कि श्री कृष्ण के संदेश का वास्तविक अनुभव ब्रह्मज्ञान द्वारा ही संभव है, वह दिव्य ज्ञान जिसे केवल पूर्ण सतगुरु प्रदान कर सकते हैं। यह ज्ञान साधक की अंतर्दृष्टि को जागृत कर उसे भीतर ईश्वर का साक्षात्कार कराता है और जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता व सहजता से सामना करने की शक्ति देता है।

यह कथा संस्थान के सामाजिक प्रकल्प कामधेनु को समर्पित रही। भारतीय गोवंश सुधार और संरक्षण हेतु समर्पित यह प्रकल्प जन-जागरूकता, वैज्ञानिक प्रजनन पद्धतियों और संरक्षण प्रयासों के माध्यम से भारतीय स्वदेशी गायों की गुणवत्ता व संख्या में वृद्धि करता है। साथ ही किसानों और गौशालाओं को सहयोग प्रदान कर जैविक खेती, नवीकरणीय ऊर्जा और प्राकृतिक उत्पादों पर आधारित शून्य-अपशिष्ट प्रणाली को प्रोत्साहित करता है, जिससे पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक कल्याण को बल मिलता है।

बेंगलुरू और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में आए असंख्य भक्तों व जिज्ञासुओं ने इस सात दिवसीय कथा को एक जीवंत आध्यात्मिक उत्सव बना डाला। दिव्य आध्यात्मिक वातावरण, ज्ञानवर्धक प्रवचनों और हृदयस्पर्शी भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को रूपांतरकारी अनुभव प्रदान किया। गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और डीजेजेएस के सामाजिक व पर्यावरणीय जागरूकता सहित आध्यात्मिक जाग्रति के प्रयासों की सराहना भी की।

हिंदुस्तान टाइम्स, दैनिक भास्कर और अन्य प्रमुख समाचार पत्रों ने इस आयोजन को व्यापक रूप से प्रकाशित किया, जिससे कथा का संदेश जन-जन तक पहुँचा।

इस पावन समागम ने पुनः स्मरण कराया कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल अंतर्जाग्रति में ही नहीं, बल्कि जागरूक जीवन जीने में भी निहित है। दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से प्रदत्त ब्रह्मज्ञान मानवता को शांति, करुणा और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देता है। इस कथा का मुख्य उद्देश्य मानव हृदयों को जागृत करना, जीवन को जागरूकता से भरना और प्रेम, ज्ञान व सेवा-भाव से ओतप्रोत श्री कृष्ण के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुँचाना रहा।

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