गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य प्रेरणा से, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा11 से 17 नवंबर 2024 तक जगाधरी, हरियाणा में श्री राम कथा का आयोजन कियागया। कथा व्यास साध्वी श्रेया भारती जी ने प्रभु श्री राम के जीवन की दिव्यता को विस्तारसे समझाया।

साध्वी जी ने रामायण में छिपी दिव्य प्रेरणाओं को बड़ी सहजता से श्रोतागणों के समक्ष उजागर किया, जिसने उन्हें राम राज्य’ के उस स्वर्णिम युग की दिव्य घटनाओं से स्वतः ही जोड़ दिया, जो किसी सच्चे भक्त के जीवन को परिवर्तित करने की क्षमता रखते हैं।
कथा का शुभारम्भ भगवान श्री राम के पावन चरण कमलों में प्रार्थना और पूजन से हुआ। तत्पश्चात सुमधुर भजनों और स्तुति गीतों ने ऐसा दिव्य वातावरण उत्पन्न किया जिसने भक्त और भगवान के दिव्य संबंध और प्रेम को और प्रगाढ़ कर दिया। कथा व्यास ने आगे बतायाकि श्री राम का इस पृथ्वी पर अवतार सत्य की पुनः स्थापना हेतु हुआ था। वे आदर्शवादके परम प्रतीक हैं। हजारों वर्षों के बाद भी, उनका जीवन चरित हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। उनका जीवन और अयोध्या में राम राज्य की स्थापना आज भी प्रत्येक जनलिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके शासन काल में उन्होंने समानता, शांति और सत्यता कीस्थापना की, जो समय-समय पर कठोर परीक्षाओं के बावजूद स्थिर रही।

साध्वी जी ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे प्रभु श्री राम के जीवन को केवल एक कथाके रूप में सुनने तक सीमित न रखें बल्कि उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास भी करें।उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम जैसे गुणों को अपने जीवन में आत्मसात करना तभीसंभव है जब हम सनातन दिव्य ज्ञान ‘ब्रह्मज्ञान’ को प्राप्त करें। केवल एक पूर्ण गुरु ही इसदिव्य ज्ञान की दीक्षा दे सकते हैं। वर्तमान समय में दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जीएक ऐसे ही सच्चे आध्यात्मिक गुरु हैं, जो ब्रह्मज्ञान की विधि द्वारा दिव्यता का प्रत्यक्षदर्शन कराते हैं।
सात दिवसीय इस श्री राम कथा ने भक्ति के वास्तविक सार को समझाया, जो मनुष्यों को भीतर से परिवर्तित कर विश्व शांति लाने की एकमात्र सुलभ विधि है। भक्तों, अनुयायियोंऔर क्षेत्र के गणमान्य अतिथियों ने बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम का लाभ लिया। संगत नेस्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प भी लिया, जिसमें बाहरी दुनिया कोबदलने के साथ-साथ स्वयं के तन, मन और आत्मा के स्तर पर स्वस्थ बनाना शामिल है।