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दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की अनुकंपा से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 16 से 22 नवंबर 2025 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा का मुख्य उद्देश्य ‘ब्रह्मज्ञान’ की शाश्वत विधि को उजागर करना रहा। ब्रह्मज्ञान श्रीमद्भागवत की शिक्षाओं को जीवन में उतारने की एकमात्र शास्त्र-आधारित विधि है। गणमान्य अतिथियों व असंख्य भक्तों की हार्दिक उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री कृष्ण के चरण कमलों में भावपूर्ण प्रार्थना के साथ हुआ।

Shrimad Bhagwat Katha manifested a journey from listening to Perceiving the Divine within in Lucknow, Uttar Pradesh

कथा व्यास साध्वी वैष्णवी भारती जी ने विज्ञान व वेदों के आधार पर ब्रह्मज्ञान द्वारा आंतरिक जागृति की आवश्यकता को समझाया। उन्होंने कहा कि इसके द्वारा ही समाज में महत्वपूर्ण सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के जीवन के विभिन्न पहलुओं व महत्वपूर्ण पड़ावों को उजागर किया, जो आज के दिशाहीन समय में युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायी सिद्ध हुए।

जैसे युद्धभूमि में अर्जुन ने ब्रह्मज्ञान द्वारा आंतरिक रूप से जागृत होकर सही दिशा में कदम बढ़ाया। साध्वी जी ने कहा कि वर्तमान समय में पूर्ण सतगुरु श्री आशुतोष महाराज जी ब्रह्मज्ञान की वही शास्त्र-आधारित शाश्वत विधि प्रदान कर रहे हैं। उन्हें घट भीतर ईश्वर का दर्शन करवा रहे हैं। गुरु आज्ञा को शिरोधार्य करते हुए ये जागृत शिष्य अपने जीवन में महत्वपूर्ण रूपांतरण का अनुभव कर रहे हैं।

Shrimad Bhagwat Katha manifested a journey from listening to Perceiving the Divine within in Lucknow, Uttar Pradesh

आध्यात्मिक पथ को उजागर करने वाले प्रवचनों व भक्ति से परिपूर्ण भजनों को श्रवण कर उपस्थित श्रद्धालुजन मंत्र मुग्ध दिखे। इस कार्यक्रम को विभिन्न समाचार पत्रों द्वारा भी उल्लेखित किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने डीजेजेएस के देश विदेश में सक्रिय विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों की भूरि भूरि प्रशंसा की।

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