क्या हम सच्चे साधक हैं?

एक व्यक्ति कुम्हार कब बनता है? जब वह चाक पर मिट्टी को सही प्रकार से रखकर, उसे चलाकर सुन्दर वस्तुओं का रूप देने का गुण सीख लेता है। कोई माली कब कहलाता है? जब उसे ... । सुनार बनाने के लिए सोने की परख कर सकना, उस पर काम करके उन्हें सुन्दर आभूषणो की आकृति प्रदान कर पाना इत्यादि गुण होने आवश्यक हैं।

इसी प्रकार, सही मायनों में साधक बनने के लिए भी साधकता के गुणों का होना ज़रूरी है। साधक बनने के लिए कौन- कौन से गुण चाहिए, ... आइये उन पर प्रकाश डालते हैं ...

अभयं (निर्भयता)

...यह गुण साधक की वह मजबूत नींव है, जिस पर उसकी शिष्यता की पूरी इमारत खड़ी होती है।

... उत्तरी अमरीका में कुछ समय पहले एक अमरीकन पहलवान ने यह घोषणा की कि वह वहाँ की नियाग्रा फाल्स को एक तार पर चलकर पार करेगा। हवाई जहाज की मदद से लगभग 160 फीट गहरी नियाग्रा के दोनों किनारों के बीच एक तार बाँधी गई। 

 ...जैसे ही पहलवान ने तार पर पहला कदम रखा, देखने वालों की धडकनों ने रफ़्तार पकड़ ली। ... जैसे ही तार पर पहलवान का आखिरी कदम पड़ा, चारों ओर तालियों और प्रशंसा के स्वर गूँज उठे। तभी ऊंचाई पर खड़े उस पहलवान ने बुलंद आवाज़ में दर्शकों से पूछा- 'क्या आप सबने मुझे तार पर चलकर नियाग्रा को पार करते देखा है?' एक स्वर में उत्तर आया- 'हाँ!' पहलवान ने फिर पूछा-' क्या आपको विश्वास है कि मैं इस तार पर चलकर वापिस उस पार भी पहुँच सकता हूँ?' दोबारा स्पष्ट उत्तर आया- हाँ, हमें पूरा विश्वास है।' इस पर वह बोला- ' अगर आपको मुझ पर पूरा विश्वास है, तो क्या आपमें से कोई तब मेरे कंधे पर बैठने को तैयार है, जब मैं तार पर चलूँ?' इस बार कोई स्वर नहीं उभरा। ...

क्या कोई ऐसा शख्स नहीं था वहाँ जिसने उस पर भरोसा किया हो? क्या हो जाता है यदि एक साधक अपने गुरु पर पूर्णतः विश्वास न कर पाए? क्या है सच्चे साधक के सम्पूर्ण गुण? ... जानने के लिए पढ़िए मार्च 2013 माह की हिन्दी अखण्ड ज्ञान पत्रिका।

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