जीत या हार!

क्या आपको ज़िन्दगी में हार पसंद है?... रोना पसंद है?... खोना पसंद है? बेशक, उत्तर'न' ही होगा। अच्छा, अब ज़रा पूरी इमानदारी से इन प्रश्नों का जवाब 'हाँ' या 'न' में दीजिए-

क्या आप… 

काम से ज़्यादा आराम पसंद करते हैं?

कोई भी काम मिलने पर यही राग अलापते हैं- 'हाय! बहुत मुश्किल है… ओहो! इसमें तो बहुत मेहनत लगेगी ...?'

हर काम के लिए 'एक्शन प्लान' के स्थान पर बहानों की लिस्ट तैयार रखते हैं?

चुनौतियों से लड़ने की बजाय उनसे घबरा जाते हैं?

जीवन में कोई नई शुरुआत करने की हिम्मत नहीं कर पाते? 

खूबियों से ज़्यादा अपनी खामियों पर ध्यान देते हैं?

आलस्य के घनिष्ठ मित्र हैं?

क्या हुआ? कहीं इस बार उत्तर स्पष्ट रूप से 'हाँ' तो नहीं! अगर है, तो सावधान! क्योंकि यदि ऐसा है तो ... नापसंद होते हुए भी आपको ज़िन्दगी में हार ही मिलेगी, खोना ही होगा, रोना ही पड़ेगा। निःसन्देह आप ऐसा नहीं चाहेंगे।

और ऐसा न हो, इसके लिए अपनाएँ कुछ महत्वपूर्ण टिप्स!

...जीवन में मिलने वाली जीत या हार का विचारों से बहुत गहरा सम्बन्ध होता है। विचार सकारात्मक हों, तो हारने की परिस्थितियों में भी जीतने का जज़्बा भर जाते हैं। वो कौनसे शुद्धतम विचार हो, उन्हें कैसे अपने जीवन में लागू करें, पूर्णतः जानने के लिए पढ़िए मई  2013 माह की हिन्दी अखण्ड ज्ञान मासिक पत्रिका ...

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