फास्ट फूड बैड या गुड!

रोटी, दाल, सब्ज़ी, फल, दूध, लस्सी आदि- ये सब फूड आइटम तो आजकल की युवा पीढ़ी के लिए आउटडेटिड हो चुकी हैं। इन पदार्थों के डाइनिंग टेबल पर आते ही युवा नाक-मुँह सिकोड़ने लगते हैं। पर वहीं अगर फास्ट फूड आइटम्स जैसे- बर्गर, पीज़ा, नूडल्स, मोमोज़ इत्यादि परोसे जायें, तो उनके चेहरे पर मुस्कान खिल जाती है। मुँह में पानी भर जाता है और मुख से स्वर फूट पड़ते हैं- 'वाओ! इसे कहते हैं भोजन!'

लेकिन आधुनिक युग में पसंद किया जाने वाला यह फास्ट फूड वास्तव में कितना जंक है, इसका अंदाज़ा इन युवाओं को तो क्या- आप बड़ों को भी नहीं होगा। इसलिए हमने इस माह अखण्ड ज्ञान के मंच पर कुछ फास्ट फूड पदार्थों को आमंत्रित किया है। ये पदार्थ आपको स्वयं ही अपना परिचय देंगे। तो आइए जानते हैं, इनकी खूबियाँ इन्ही की जुबानी...

ब्रेड

चौरस मेरा आकार है, डबल रोटी मेरा नाम।

मुझे खाने वालों को मिलते पाचन-रोग तमाम।।

जी हाँ! नाम तो मेरा है डबल रोटी, पर पोषक तत्त्वों के हिसाब से मैं आधी भी नहीं हूँ! ...पर फिर भी आजकल सभी लोग दिन में तकरीबन एक बार मेरा सेवन ज़रूर करते हैं। रोटी के स्थान पर मुझे खाते हैं। परन्तु क्या आप जानते हैं कि बदले में मैं उन्हें क्या-क्या देती हूँ-

क) मोटापा- मुझे खाने वाला अक्सर मेरे नाम की तरह डबल हो जाता है। ...

ख) मेरे अंदर इतना नमक होता है कि जो मुझे अधिक खाता है, वह उच्च रक्तचाप का शिकार हो जाता है।

ग) ... मैं शरीर में रक्त शर्करा और इंसुलिन के स्तर में वृद्धि कर देती हूँ, जिसकी वजह से आप ज़्यादा खाना खाने लगते हैं।

घ) ... मुझमें अधिक मात्रा में मौजूद .ग्लूटेन नामक प्रोटीन की वजह से थकान, दर्द व पाचन संबंधी बीमारियाँ हो जाती हैं।

... यह था मेरा आपको बीमार करने में योगदान! इसके अतिरिक्त जितना सफेद मेरा रंग होगा, उतना ही ज़्यादा काला मेरा प्रभाव यानी उतना ही मैं आपको नुकसान पहुँचाऊँगी।

कई व्‍यक्ति सोचते है कि ब्राउन ब्रेड का सेवन नुकसानदायक नहीं होता, तो ये कितना सच है? ये सब जानने के लिए और चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, नूडल्स और बर्गर जैसे प्रचलित फास्ट फूड के बायोदाटा को  पूर्णतः जानने के लिए पढ़िए अप्रैल माह की हिन्दी अखण्ड ज्ञान मासिक पत्रिका!

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