कभी- कभी ऐसा भी करना चाहिए...

इस माह 'सफल जीवन के सूत्र' का यह खण्ड जिन सूत्रों की विस्तृत जानकारी आपको देगा, वे इस प्रकार हैं- ज़िन्दगी में हारना बेहद जरुरी है। साथ ही, आपको गिरना, क्रोध करना, संकोच करना और लालच करना भी आना चाहिए।
इतना ही नहीं, ज़ेन दर्शन के कथनानुसार- जो भी करो, पूरी तरह यानी अच्छी तरह करो... तो इसका मतलब हुआ-हारो, तो पूरी तरह हारो; संकोच करने में ज़रा सा भी संकोच मत करो; क्रोध भी अच्छी तरह करो; गिरो, तो शान से गिरो; लोभ भी आधा अधूरा नहीं, बल्कि भरपूर मात्रा में करो।
चौंकिए मत! न तो आपके पढ़ने में कोई गलती हुई है, न हमारे लिखने में। बस, ठीक से समझने की ज़रूरत है। यह सच है कि हमारे प्रयास हमेशा ऐसे होने चाहिएँ, जो हमें जीवन में जीत दिलाते हों, ऊँचा उठना सिखाते हों, बिना किसी संकोच के मंज़िल तक बढ़ना सिखाते हों, व्यवहार में शीतलता लाते हों और स्वभाव को संयमित बनाते हों।
परन्तु कभी-कभी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे भी मोड़ आते हैं, जहाँ ये नकारात्मक पक्ष भी कारगर सिद्ध होते हैं। जहाँ पूरी तरह हारने पर ही जीत मिलती है; आइए देखें कैसे?
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हारो, तो पूरी तरह हारो!


एक व्यक्ति फूलों का व्यापार करता था। पीढ़ी दर पीढ़ी उसका परिवार यही काम करता चला आ रहा था। समय के साथ व्यवसाय संभालने वाले चेहरे ज़रूर बदलते चले गए, पर उनकी कमीज़ पर लगे बिल्ले के शब्द ज्यों के त्यों रहे। यह मुहर उनके बिज़नेस की विशेषता थी और सबका आकर्षण-केन्द्र। उस बिल्ले पर अंकित शब्द थे- 'चीयर्स! बिज़नेस बहुत बढ़िया!'


एक बार बिज़नेस के सिलसिले में एक डीलर उस मालिक से मिलने आया। मीटिंग के बाद, डीलर ने मालिक से पूछा- 'सर, क्या आपको बिज़नेस में कभी घाटा नहीं हुआ?'
मालिक- हुआ है।


डीलर- क्या कभी मुश्किलों का पहाड़ आपके सिर पर नहीं टूटा?
मालिक-बहुत बार!

डीलर- फिर आप हर समय ' बिज़नेस बहुत  बढ़िया' का यह बिल्ला क्यों लगाकर रखते हैं? क्या यह लोगों को मूर्ख बनाने की कोई बिज़नेस ट्रिक है?
मालिक- लोगों को मूर्ख बनाने की नहीं, बल्कि ...

कौनसी ट्रिक अपनाई मालिक ने? कैसे उसका  बिज़नेस बहुत बढ़िया रहा? 
कैसे संकोच करने पर ही आत्म-विश्वास आसमान को छू जाता है; अच्छी तरह क्रोध करके सबका हित हो जाता है; ज़्यादा से ज़्यादा नीचे गिरकर, सफलता में ऊँची से ऊँची छलांग लग जाती है और लालच करके व्यक्ति समाज को बहुत कुछ दे जाता है।ये सब पूर्णत: जानने के लिए पढ़िए अक्टूबर माह की अखण्ड ज्ञान मासिक पत्रिका...

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