आफिस में आपसी झगड़ों से कैसे बचें?

प्रिय PEACE प्रतिनिधि,
मैं एक कॉर्पोरेट हाऊस में एग्ज़िक्युटिव पोस्ट पर कार्यरत हूँ। कुछ महीने पहले ही मेरी ज्वाइनिंग हुई है। मैं 5 सदस्यों की एक टीम के साथ काम करती हूँ। परन्तु मेरी एक उलझन है, जिसके कारण मैं अपनी क्षमता अनुसार आउटपुट देने में स्वयं को असमर्थ महसूस करती हूँ। प्रोजेक्ट मीटिंग्स और डिस्कशन्स के दौरान अक्सर मेरे विचार सहकर्मियों के विचारों से टकराते हैं। अधिकतर मेरे किसी न किसी मुद्दे पर अनबन, मनमुटाव या बहस हो ही जाती है।ऐसा लगता है कि जैसे मुझे जानबूझ कर उकसाया जा रहा हो। अंतत: इन मीटिंग्स से कुछ उत्पादक परिणाम तो निकलते नहीं, बल्कि न चाहते हुए भी सहकर्मियों के आपसी रिश्तों में खटास पैदा हो जाती है। इसी अंतरदल-मतभिन्नताओं के चलते आए दिन हमें बॉस की भी डांट खानी पड़ती है, क्योंकि प्रोजेक्ट सम्बन्धी काम अंतिम समय-सीमा तक पूरा हो ही नहीं पाता है। इसी प्राब्लम के सम्बन्ध में आपसे सुझाव चाहती हूँ।
भवदीया!
सागरिका विश्वास
मार्केटिंग एग्ज़िक्युटिव, आलामोरा प्राइवेट लिमिटेड

प्रिय सागरिका,
हम आपकी स्थिति को अच्छी तरह समझ सकते हैं। इस प्रकार की दल-मतभिन्नताएँ अक्सर हर कंपनी में पाई जाती हैं।...
सफल लेखिका और पूर्व काॉर्पोरेट वकील मैरी रौ-फॉस्टर कहती हैं-' बातचीत ही आपसी मतभिन्नताओं का कारण और उपचार-दोनों है। आपके द्वारा पूछे गए सवाल से स्पष्ट है कि आप यह तो जान ही चुकी हैं कि कैसे बातचीत आपसी मतभेदों की जड़ बन जाती है। लेकिन मतभेदों की यहीं जड़ इस समस्या का हल भी है। किसी भी कंपनी के कर्मचारियों के बीच में सूचना का प्रसार आंतरिक संवाद के द्वारा होता है। इस बातचीत या संचार का प्रवाह कंपनी के हर स्तर और विभाग के कर्मचारियों के बीच में होता है। कंपनियों में यह संचार संपादन-विच्छेद के आधार पर होता है। यह 
संपादन-विच्छेद क्या है?
... विज्ञान के तीन विषयों-'मनोविज्ञान', 'तंत्रिका विज्ञान' और 'भारतीय-दर्शन विज्ञान' की मदद से संपादन-विच्छेद को जानने के लिए पढ़िए अक्टूबर माह की हिन्दी अखण्ड ज्ञान मासिक पत्रिका...

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