भोजन का प्राइम टाइम

आजकल व्यक्ति यूँ तो हर समय  सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर मशगूल दिखता है। पर क्या आप जानते हैं, इसके बावजूद कई सर्वेक्षणों शोधों के अनुसार साइट्स पर सबसे ज़्यादा हिट्स एक खास समय पर मिलते हैं। इसे सोशल साइट्स का प्राइम टाइम कहा जाता है। ठीक ऐसे ही, भोजन का भी प्राइम टाइम होता है। क्या? आइए, इसका उत्तर प्राप्त करते हैं भोजन करने से संबंधित अनेक तथ्यों पर चर्चा करते हैं।

1. क्या आपके भोजन का समय निश्चित है?

2. क्या आप पूरे दिन में तीन समय भोजन करते हैं?

3. क्या आप चलते-फिरते अपना भोजन करते हैं?

4. क्या आप वॉट्सएप, टी.वी. या अखबार पढ़ते हुए भोजन ग्रहण करते हैं?

5. क्या आपका सबसे गरिष्ठ भोजन रात्रिकाल में होता है?

6. क्या अक्सरां काम की भाग-दौड़ में आपका एक समय का भोजन छूट जाता है?

उपरोक्त सभी प्रश्नों का उत्तर एक स्थान पर नोट कर लें। फिर इस लेख को पढ़कर स्वयं जाँचे कि स्वास्थ्य की धुरी आपके कितने नज़दीक है।

हम सभी के शरीर में एक जैविक घड़ी (biological clock) फिट है। यह हमें भोजन का उपयुक्त समय  बताती है। यह घड़ी जीन्स से बनी कोशिकाओं का एक छोटा सा समूह है। शरीर की विभिन्न दैनिक गतिविधियाँ अंगों की कार्य-पद्धतियाँ इन कोशिकाओं की ऑन-ऑफ प्रक्रिया से निर्धारित होती है। आप देह के प्रत्येक अंग का सक्रिय समय (प्राइम टाइम) जान सकते हैं।
एक शोध में सेल मेटाबॉलिज़्म द्वारा चूहों के दो समूहों को समान भोजन दिया गया। फर्क था मात्र भोजन के समय में! पहले समूह को पूरे दिन दूसरे को मात्र उनके प्राइम टाइम पर भोजन दिया गया। एक आश्चर्यजनक परिणाम समक्ष आया। प्राइम टाइम के दौरान भोजन ग्रहण करने वाले चूहे 40% ज़यादा पतले पाए गए। साथ ही, उनमें दूसरे समूह की तुलना में कम कॉलेस्ट्रॉल रक्त शर्करा पाया गया।...

...
पर अब सवाल यह उठता है कि क्या है हमारे भोजन का सक्रिय समय (प्राइम टाइम)? आखिर किस आधार पर हमारी देह की घड़ी कार्य करती है?.. जानने के लिए पढ़िए अगस्त'17 माह की हिन्दी अखण्ड ज्ञान मासिक पत्रिका।

Need to read such articles? Subscribe Today