तिलक का मतलब ललाट पर लगी सीधी रेखा भर नहीं है। भारत में अलग-अलग आकार के तिलक लगाने का रिवाज़ रहा है। जैसे कि ज्योति के आकार में, अंग्रेजी अक्षर 'U' के आकार में, बिंदी के समान गोल या त्रिपुंड के रूप में! यही नहीं, तिलक के आकार के साथ-साथ उसके प्रकार में भी विविधता देखने को मिलती है। तिलक अलग-अलग पदार्थों से लगाया जाता है। कुमकुम से, रोली से, हल्दी से, चंदन से, भस्म से... हमारे यहाँ के वीर योद्धा तो कभी-कभी माटी से ही अभिषेक कर लिया करते थे। इन सभी प्रकारों के तिलकों का अपना-अपना महत्त्व है। आइए, इनके प्रभावों को जानते हैं।
देखिए, यह है चंदन का