आप कितने बूढ़े हैं?

क्या लेख का शीर्षक पढ़कर चौंक गए? चलिए यह तो बताएँ आप कितने साल के हैं? संख्या एकौ बताई या दो? एक ही न! पर आप जानते हैं, आपकी एक नहीं, दो उम्र होती हैं। वह उम्र जो आपने झट से बता दी, उसे कैलेंडर से आसानी से जाना जा सकता है। इसलिए इसे हम कैलेंडर यानी किलानुक्रमिक ( Chronological) उम्र कहते हैं। इस उम्र पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता है। यह उम्र हर एक इंसान की साल दर साल बढ़ती जाती है।

पर हमारी एक और भी उम्र होती है, जिसका हमारे जन्म से कोई लेना-देना नहीं होता। यह होती है, हमारी जैविक ( Biological) उम्र। जैविक उम्र हमारे खान-पान, उठन-बैठने, रहन-सहन आदि सम्पूर्ण जीवन शैली पर निर्भर करती है। आपने गत वर्षों में एक फिल्म- ' पा' देखी होगी। अपनी बेहतरीन कहानी से उसने बॉक्स ऑफिस पर न केवल करोडों का व्यापार किया, बल्कि काफी प्रशंसा भी बटोरी थी। उसमें 12 वर्षीय ऑरो का तन कम उम्र में ही एक बूढ़े के समान हो गया था। फिल्म देखने वाले हर संवेदनशील दर्शक के मन से केवल एक ही पुकार उठी- ' हे भगवान! यह बीमारी किसी दुश्मन को भी न लगे।'

पर आप स्वयं पर दृष्टि डालें- क्या कम उम्र में ही आपमें बुढ़ापे के चिह्न दिखाई नहीं पड़ते? जैसे- सफेद बाल, कमज़ोर आँखें, ज़रा सा भागने पर साँस का फूलना, चेहरे की लटकी-मुरझाई त्वचा, घुटनों व कमर में दर्द, गरिष्ठ भोजन कर लेने पर गैस व एसिडिटी की समस्या आदि। पाठकों, ये चिह्न घातक स्थिति का संकेत हैं कि भीतर ही भीतर हमारा शारीरिक ढ़ांचा पस्त हो रहा है। बेशक हमारी कालानुक्रमिक उम्र कम है, पर हमारी जैविक उम्र काफी हो गई है।

एक अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च ग्रुप ने युवा व्यस्कों की जैविक उम्र जाँचने के लिए कुल 954 प्रतिभागियों पर अध्ययन किया। शोध के दौरान हैरान करने वाले परिणाम सामने आए। अधिकतर की जैविक उम्र उनके जन्म प्रमाणपत्रों से बीस साल अधिक पाई गई। 38 साल की कालानुक्रमिक उम्र के प्रतिभागियों की जैविक उम्र 60 वर्ष तक पाई गई। पर कुछ प्रतिभागी काफी फिट भी निकले। जहाँ उनकी कालानुक्रमिक उम्र 38 साल थी, वहीं जैविक उम्र मात्र 30 साल पाई गई। अब आप स्वयं निर्णय लीजिए- आप 38 की उम्र में 30 का या फिर 60 का दिखना चाहेंगे।

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अब तक आप सभी जानने को उत्सुक हो गए होंगे कि आखिर क्या है आपकी जैविक उम्र! वैज्ञानिकों ने जैविक उम्र को मापने के लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस की मदद से 'Aging.AI' नाम का एक कम्प्यूटर प्रोग्राम बनाया है। उसमें कुछ जानकारियां देकर आपको आपकी जैविक उम्र मिल जाएगी। इसके अलावा कुछ अन्य प्रचलित मापक भी हैं, जिनके द्वारा आसानी से जैविक उम्र का पता लगाया जा सकता है।

इन अन्य मापकों को पूर्णतः जानने के  लिए पढ़िए दिसम्बर 2018 माह  की हिन्दी अखण्ड ज्ञान मासिक पत्रिका।

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